ज्ञानपुर (भदोही)।
बैंक एंप्लाइज यूनियन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर मंगलवार को जिले के बैंकों में ताला लटका रहा। दूरदराज से आने वाले उपभोक्ताओं को बैरंग लौटना पड़ा। बैंक की बंदी से करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ। करीब 200 करोड़ का लेनदेन तो 20 करोड़ की क्लीयरिंग फंस गई। हड़ताल से आम नागरिकों को सबसे अधिक मुश्किलें उठानी पड़ी।
केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को यूपी बैंक एंपलाइज यूनियन समेत विभिन्न बैंक के संगठनों के पदाधिकारी एकजुट होकर विरोध जताया। बैंकों का ताला बंद कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सुबह 10 बजे के बाद बैंकों पर आए उपभोक्ताओं को बैरंग लौटना पड़ा। ज्ञानपुर में एसबीआई, पीएनबी, केनरा, सेंट्रल बैंक समेत अन्य बैंको पर जहां सन्नाटा छाया रहा, वहीं ग्रामीण इलाकों की यूबीआई, गोमती ग्रामीण बैंकाें पर भी ताला लटका रहा। इससे लेनदेन को लेकर लोगों से को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यूपी बैंक एंप्लाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष अनिल मिश्र ने हड़ताल को सफल बताया। उन्होंने कहा कि सरकारी बैंकों के आंदोलन को प्राइवेट बैंकों ने समर्थन दिया। इससे एक भी बैंक जिले में नहीं खुले। उन्होंने कहा कि उद्योगपति डिफाल्टरों पर हजारों करोड़ का कर्ज वसूलने में सख्ती, बैंकों में कर्मचारियों की कमी दूर करने और बैंकों का विलय रोकने समेत 20 से अधिक मांग है। माह भर पूर्व सरकार के आश्वासन पर आंदोलन को रोका गया था, लेकिन इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले रही है। उन्होंने बताया कि जिलेभर के बैंकों में 200 से 250 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ, जबकि 20 करोड़ की क्लीयरिंग फंसी। हालांकि संगठन की बात पर विभाग के आला अधिकारी इत्तफाक नहीं रखते। एलडीएम यूबीआई अमिताभ सेन गुप्ता ने बताया कि कितने का कारोबार प्रभावित हुआ यह स्पष्ट नहीं है। हालांकि बंदी से नुकसान हुआ है।
एक घंटे में ही खाली हो गए एटीएम
ज्ञानपुर। बैंकों की हड़ताल से जिले के एटीएम कुछ समय में ही खाली हो गए। बैंकों से पैसा निकालने के लिए घर से निकले लोग जब बैंक पहुंचे तो परेशान होना पड़ा। इस दौरान वह एटीएम की तरफ गए। जहां लंबी-लंबी कतार लगने से घंटे भर में ही पैसा खत्म हो गया। कमोबेश अधिकांश एटीएम दोपहर बाद ही खाली हो गए।