भदोही। तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार, गरीबों की योजनाओं का सही क्रियान्वयन नहीं होने और जीएसटी को जनविरोधी बताते हुए माले कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को तहसील में धरना देकर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी के नाम उपजिलाधिकारी आशीष कुमार को ज्ञापन सौंप कर आंदोलन समाप्त किया गया।
वक्ताओं ने जीएसटी पर कहा कि प्रधानमंत्री ने अकेले इसे लागू किया है। भाजपा के नेता और मंत्री कुछ बोल नहीं पा रहे हैं। कहा सेवा कर बढ़ जाने से महंगाई बढ़ेगी। लेकिन नेता और मंत्री लोगों को कह रहे कि इससे कीमतें घटेंगी। जीएसटी वापस लेने की मांग की। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत पात्र गृहस्थी सूची में नाम डालने के नाम पर खुली लूट हो रही है। गरीबों कमजोरों, अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़ा है।
जिला सचिव, रामजीत यादव ने कहा कि गरीबों की नहीं सुनी जा रही है। हर कार्य के लिए गरीब को तहसील आना पड़ता है लेकिन यहां भ्रष्टाचार का बोलबाला है। बगैर सुविधा शुल्क लिए कोई काम नहीं होता। लेखपाल, कानूनगो और बाबू जो चाहते हैं वही होता है। गरीबों की फाइलें नीचे दबकर रह जाती हैं। आरोप लगाया कि वरिष्ठ अधिकारी सब जानने हैं लेकिन कोई भ्रष्टाचार रोकने का प्रयास नहीं करता। उन्होंने सभा के दौरान संवरपुर के नंदलाल गौड़ की बात उठाई। कहा कि गरीबों को प्रताड़ित किया जा रहा है। अधिकारी गरीब नंदलाल के आंदोलन का संज्ञान तक लेने को तैयार नहीं हैं।
सभा में दिनेश पाल, कबूतरा देवी, राजनाथ, बनारसी सोनकर, धर्मराज, विनोद उपाध्याय, लालमनि, जयराजी देवी, राम शिरोमणि, उमा यादव, देवी, राजेश गौतम, नंदलाल, राजाराम, जगरनाथ, बच्चेलाल आदि शामिल रहे।