ज्ञानपुर। दीवाली सीजन में अब तक खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम 20 किलो मिठाइयों को नष्ट करा चुका है। इन मिठायों से महक आ रही थी। इसके अलावा करीब 217 लीटर तेल और 13 किलो बूंदी नष्ट करा चुका है। जिसकी कीमत 30 हजार रुपये के आसपास थी। टीम ने जिले भर से 18 अलग-अलग मिठाइयों के नमूने जांच के लिए भेजा है। जिसकी रिपोर्ट लगभग दो सप्ताह के बाद तब आएगी, जब दीवाली बीत चुकी होगी।
त्योहार पर जमकर मिलावटी सामान बेचे जा रहे हैं। मांग अधिक होने से ही दुकानदारों की ओर से मिलावट कर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। हर साल जब-जब त्योहारी सीजन शुरू होता है, तब तब बाजारों में मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। इस बीच विभागीय टीम भी अपनी भागदौड़ तेज कर देती है। इस बार आठ अक्तूबर से ही खाद्य विभाग जिले में अभियान चला रही है। जिसमें अब तक बड़ी मात्रा में सामानों को जब्त कराए जाने के साथ-साथ खराब मिठाइयों को नष्ट भी कराया है। आठ दिनों के अभियान में खाद्य विभाग की टीम ने 202 लीटर राइस ग्रास आयल, 15 लीटर मस्टर्ड आयल के पैकिंग के साथ ही 13 किलो बूंदी जब्त कर लिया है। जिसकी कीमत 30 हजार रुपये के आसपास है। विभाग ने इनके नमूने जांच को लखनऊ लैब में जांच को भेजा है। इसी तरह 20 किलो छेना व बर्फी , जिसमें से महक आ रही थी। उसे भी नष्ट कराया। अब तक विभाग ने 18 मिठाइयों के नमूनों को जांच के लिए भेजा है। जिसकी रिपोर्ट कम से कम 14 दिनों में आएगी।
जब तक आएगी रिपोर्ट, तब तक खा चुके होंगे लोग मिठाई
खाद्य विभाग आठ दिनों से अभियान चलाकर जांच कर रही है। आठ दिनों में 18 मिठाइयों के नमूने जांच के लिए भेजा है। जिसमें पनीर, दूध, बर्फी, छेना, पेड़ा और घी समेत अन्य खाद्य सामान शामिल हैं। ऐसे में जब तक रिपोर्ट आएगी, तब तक लोग मिठाई समेत अन्य खाद्य सामान खा चुके होंगे। खाद्य उपायुक्त विवेक मालवीय ने बताया कि खाद्य पदार्थों की जांच तीन कैटेगरी में होती है। जिसमें नान ग्रिवियस, ग्रिवियस और असुरक्षित खाद्य पदार्थ होता है। जिसमें असुरक्षित श्रेणी में आने वाले सामानों को हम नष्ट करा देते हैं। वहीं ग्रिवियस श्रेणी वालों को जब्त कर रिपोर्ट आने पर ही दिया जाता है। वहीं नान ग्रिवियस श्रेणी के सामान के नमूने लेकर जांच के लिए भेजा जाता है। ऐसे में जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती है। हमारे स्तर से विधिक कार्रवाई नहीं की जा सकती।
उपभोक्ता भी कर सकते हैं शिकायत
सहायक उपायुक्त ने बताया कि खाद्य सामानों में मिलावट और गुणवत्ता के लिए अलग अलग कार्रवाई की जाती है। जिसमें जुर्माने के साथ-साथ जेल और मुकदमा दर्ज कराए जाने का भी निर्देश है। बताया कि अगर कोई उपभोक्ता भी खाद्य विभाग के टोल फ्री नंबर पर 18001805535 पर शिकायत कर सकते हैं। जिस पर कार्रवाई की जाती है।