ज्ञानपुर। 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं सर्द हवाओं ने बुधवार को लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी। इससे पारा लुढ़ककर न्यूनतम आठ डिग्री पर आ गया। सर्द हवाओं के चलते सामान्य जनजीवन बेपटरी हो गया और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। तापमान गिरने से दिन में भी लोगों ने गलन महसूस की। बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे।
ठंड से जनजीवन प्रभावित हो गया है। पछुवा हवाओं ने ठंड बढ़ाई तो बुधवार को शाम छह बजे ही सड़कों पर सन्नाटा सा दिखने लगा। लोग जगह-जगह अलाव से चिपके नजर आए। सार्वजनिक स्थानों पर अब भी अपेक्षाकृत अलाव की व्यवस्था नहीं है। इससे लोग प्रशासनिक इंतजाम को कोसते रहे। ज्ञानपुर नगर की दुर्गागंज त्रिमुहानी समेत इक्का-दुक्का स्थानों पर ही अलाव दिखा। अस्थायी रैन बसेरे और स्टेशनों, बस अड्डों पर तमाम गरीब लोग ठिठुरते रहे। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को हुई। बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल गए। हालांकि स्कूलों का समय बदलकर 10 बजे कर दिया गया है। इसके बाद भी बच्चों को शीतलहरी से जूझना पड़ा। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम आठ डिग्री रहा। इस दौरान हवाएं चलने के कारण सूर्यदेव की धूप भी बेअसर साबित हुई। ठंड से बचने के लिए लोग छतों और दरवाजे के सामने निकलकर बैठे रहे, लेकिन इससे ज्यादा असर नहीं पड़ा।
ज्ञानपुर। ठंड और शीतलहर को देखते हुए कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यालयों को 10 बजे से तीन बजे तक संचालित करने के जिला प्रशासन के आदेश का असर कई विद्यालयों पर नहीं है। बुधवार को कई स्कूल सुबह आठ बजे ही खुले। इसके लिए बच्चों को तड़के ही उठकर ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ा। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने 26 दिसंबर से ही स्कूलों के संचालन का समय परिवर्तित कर दिया है। इस आशय की जानकारी मिलने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने बुधवार को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर आठ बजे से संचालित होने वाले स्कूलों की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 10 बजे से पूर्व खुलने वाले पहली से आठवीं तक के स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।