ज्ञानपुर। जवाहर नवोदय विद्यालय में सोमवार को आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक राजेश एस ने छात्र-छात्राओं के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि चंद लोगों की हरकतों की वजह से पूरे विभाग को भ्रष्ट कहना गलत है। पुलिस विभाग के लोग भी समाज से ही निकलकर आते हैं। एसपी ने कहा कि पुलिस का काम चुनौती से भरा है। नियम के मुताबिक एक लाख आबादी पर ढाई सौ पुलिसकर्मियों की जरूरत पड़ती है। इस हिसाब से 15 लाख की आबादी वाले भदोही जिले को कम से कम 3500 पुलिसकर्मियों की जरूरत पड़ेगी, लेकिन यहां केवल 11 सौ पुलिसकर्मियों की तैनाती है। इसका असर कई बार काम पर भी पड़ता है। उस स्थिति में एक पुलिसकर्मी के व्यवहार को पूरे विभाग की छवि से जोड़कर देखा जाता है। मैं इससे इनकार नहीं करता कि पुलिस का आदमी भ्रष्ट नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है पूरे विभाग पर यह तोहमत लाद दी जाए। इसके बावजूद पुलिस छवि सुधार की कोशिशों में लगी हुई है। एसपी ने कहा कि पुलिस भी व्यवस्था का ही अंग है। बिना सामाजिक सहयोग के पुलिस को निर्विवाद ढंग से काम करने में कठिनाई होगी। सामाजिक जीवन को पुलिसिंग से जोड़ते हुए कहा कि हमें कानून की सामान्य जानकारी होनी बहुत जरूरी है। खास तौर पर छात्राओं को मौजूदा परिवेश में बहुत सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य से छात्र-छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली नजदीक से देखने के लिए थानों और पुलिस लाइन में विजिट करने के लिए ऑफर दिया। इससे पूर्व सीओ रामकरन ने पुलिस के पदानुक्रम, एफआईआर, साइबर क्राइम, ट्रैफिक नियमों, तीन सवारी, हेलमेट समेत विभिन्न मुद्दों पर छात्र-छात्राओं को जानकारी दी। क्राइम ब्रांच प्रभारी मनोज पांडेय ने छात्र-छात्राओं के सवालों जवाब देकर उन्हें संतुष्ट किया। कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है। पुलिस आपराधिक मामलों में आईपीसी, सीआरपीसी के हिसाब से कार्रवाई करती है। नवोदय विद्यालय के प्राचार्य साहब सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मंजीत सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक विभाष भट्ट ने किया।