ऊंज। दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ (पराग) की ओर से किसानों और पशुपालकों से मिलने वाले दूध का रेट हफ्तेभर के अंदर छह रुपये तक घटा देने के विरोध में शुक्रवार को ऊंज क्षेत्र के पशुपालकों ने सड़क पर दूध बहाकर विरोध जताया। कहा कि इतने कम रेट पर पशुपालक अपना दूध नहीं देंगे। इसको लेकर गहमागहमी बनी रही। दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ रामनगर वाराणसी (पराग) के किसानों से लिए जाने वाले दूध की कीमत एक सप्ताह में छह रुपये तक घटा दी गई। पराग ने यह कीमत तीन बार में थोड़ा-थोड़ा कर कम कर दिया। इसके विरोध में किसानों ने शुक्रवार को दुग्ध संघ के वाहन को दूध न देकर सड़क पर गिरा दिया। किसानों का कहना है कि दुग्ध संघ पहले 36 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से पशुपालकों से दूध लेता था। जिसे दुग्ध संघ ने घटाकर 30 रुपये प्रति लीटर कर दिया। इसके बाद दूध मापने की मूल्य सूची के निर्धारण की विधि भी बदल दी गई। इसके कारण दूध के दाम 15 से 25 रुपये के बीच आ गए। इससे किसानों को दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ को दूध देने से क्या फायदा। उन्होंने दूध देना बंद कर दिया। किसानों ने जिलाधिकारी भदोही विशाख जी, सांसद वीरेंद्र सिंह और ज्ञानपुर विधायक माननीय विजय मिश्र से किसानों के शोषण एवं अन्याय के विरुद्ध आयुक्त दुग्ध संघ और प्रदेश शासन से किसानों के हित में निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक शामिल थे।