वहिदानगर। योगी सरकार में भी अघोषित बिजली कटौती का तिलिस्म नहीं टूट पा रहा है। ग्रामीण अंचलों में रोस्टर से आधी बिजली भी मिलनी मुश्किल हो गई है। बेहतर आपूर्ति के लिए वहिदा विद्युत उपकेंद्र पर पांच एमबीए के स्थान पर 10 एमबीए का ट्रांसफार्मर लगा दिया गया लेकिन 10 दिनों से लुकाछिपी के बीच मात्र एक से दो घंटे ही बिजली मिल रही है। इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। वहिदा विद्युत उपकेंद्र से तीन से चार फीडर जुड़े हैं। इन फीडरों से डीघ के 90 फीसदी से अधिक गावों में बिजली आपूर्ति की जाती है। उपकेंद्र पर स्थित पांच एमबीए के ट्रांसफार्मर को हटाकर 10 एमबीए का ट्रांसफार्मर लगा दिया गया लेकिन बिजली कटौती से लोगों को निजात नहीं मिल पा रहा है। डीघ के नवधन, सुधवैं, सुभाषनगर, गोधना, बेलहुआं, पिलखुना, रोही, भावापुर, भानपुर, कुरमैचा, ऊंज, रामकिशुनपुर बसहीं, मुंगरहा, दरवांसी, चंदापुर, जोगापुर, भीखीपुर, रईयापुर, मदनपुर पयासीपुर, डगडगपुर, गोपालापुर, कलिंजरा, कोइरौना, मझगवां, बारीपुर, गोलखरा, बारीपुर, बनकट, खरगापुर, अरता समेत 98 गांवों में किसानों को गेहूं की पहली सिंचाई को लेकर काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान बच्चन मौर्य, जटाशंकर, बब्बन सिंह, देवीशंकर पांडेय, धर्मराज बिंद, श्यामधर मिश्र ने कहा कि बिजली विभाग की मनमानी से डीघ के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खरीफ सीजन से लेकर अब तक बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हो पा रहा है। पूर्ववर्ती सरकार में जहां कटौती से लोगों को जूझना पड़ा वहीं अब भी इसमें कोई सुधार नहीं हो सका है। पूर्व से भी बदतर बिजली आपूर्ति हो गई है। इससे गेहूं की पहली सिंचाई के लिए काफी दिक्कत हो रही है। उपकेंद्र पर शिकायत की गई लेकिन अब तक सुधार नहीं हो सका है। अधिशासी अभियंता ज्ञानपुर अमर सिंह ने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए 10 एमबीए का ट्रांसफार्मर लगाया गया है। ट्रांसफार्मर बदलने के बाद कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही है। उसे दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।