ज्ञानपुर। जिले के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से पखवारे भर में दवा की कुल 17 दूकानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान जांच में जिले के कुल 14 दूकानों से बिक रही दवाएं विभाग को संदिग्ध मिलीं। ड्रग इंस्पेक्टर उन दवाओं का नमूना लेकर जांच के लिए भेज दिया। विभाग के नए इंस्पेक्टर का मिजाज नहीं समझ पाने वाले दवा के अधिसंख्य दूकानदार परेशान हैं।
मालूम हो कि जिले में बड़े पैमाने पर बिना लाइसेंस जारी कराए अवैध ढंग से दवा की दूकानें संचालित हो रही हैं। विभाग में लंबे समय से ड्रग इंस्पेक्टर की तैनाती न होने से दवा दूकानदार मानक विहीन दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। दवा कंपनियों की प्रतिस्पर्धा में दूकानदार भी तमाम मानक को ताख पर रख रहे हैं। कई साल से जिले में ड्रग इंस्पेक्टर का चार्ज अतिरिक्त के रूप में अधिकारी संभालते रहे हैं। नए ड्रग इंस्पेक्टर ने चार्ज संभालते ही जिले में जगह-जगह दवा की दूकानों पर छापेमारी की। ड्रग इंस्पेक्टर एके बंसल का कहना है कि जिले में चार्ज संभालने के बाद अब तक दवा की 17 दूकानों पर छापेमारी कर चुके हैं। 14 दूकानों की दवाएं संदिग्ध मिली है, उनका सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया है। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद उसी हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। जिले में अवैध तरीके से दवा दूकानों के संचालन को स्वीकार किया। बताया कि अब तेजी से अवैध दूकान संचालित करने वालों पर कार्रवाई होगी।