Police Cleanliness Campaign in Varanasi
- फोटो : पुष्पेंद्र त्रिपाठी
कालीन नगरी भदोही को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए 186 करोड़ का प्रस्ताव बनाया गया है। बेसलाइन सर्वे में जिले के 2 लाख 67 हजार परिवारों में मार्च तक एक लाख 19 हजार शौचालय बन चुके हैं जबकि नौ माह के अंदर एक लाख 47 हजार नए शौचालय बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। एक-एक परिवार में शौचालय निर्माण के लिए प्रशासन ने कार्ययोजना तैयार कर लिया है। बजट आते ही कार्य शुरू हो जाएगा।
2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता अभियान को अहम माना था। साफ-सफाई से लेकर शौचालय निर्माण में तेजी आई लेकिन प्रदेश में सपा की सरकार होने से काम कच्छप गति से चल रहा था। सरकार बदलने के बाद शासन से लेकर प्रशासन तक पीएम के सपनों का भारत बनाने की कोशिश तेज कर दी है। जिले को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए प्रशासन की ओर से पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। प्रशासनिक आंकड़ो पर नजर डाली जाए तो मार्च तक जिले में एक लाख 19 हजार परिवारों का शौचालय बन चुका है जबकि बचे एक लाख 47 हजार परिवारों में दिसंबर तक शौचालय बनाना है। 561 ग्राम सभाओं में करीब 50 गावों को खुले में शौच मुक्त बना लिया गया है।
511 बचे ग्रामसभाओं में शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए 275 कार्य दिवस में प्रतिदिन 538 शौचालय का निर्माण किया जाएगा। जिले को खुले में शौचमुक्त बनाने के लिए 1861.094 लाख का प्रस्ताव बनाया गया है। स्वच्छता मिशन के जिला समन्वयक ने कहा कि जिले का ओडीईपी (ओपेन डफिकेशन इरैडिकेशन प्लान) तैयार कर लिया गया है। प्रशासन की ओर से एक-एक बिंदु पर काम चल रहा है। ज्यादातर ग्रामसभाओं में काम चल रहा है।