ज्ञानपुर। 23 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली पछुवा गर्म हवा के थपेड़ों के बीच रविवार को सामान्य जनजीवन उबल गया। जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री रहा। तापमान की यह स्थिति पिछले तीन दिनों से बनी है। भीषण गर्मी और उमस के वातावरण में समूचा जिला उबल गया।
रविवार को सुबह आठ बजे से ही गर्म हुई मौसम की तासीर के बीच आसमान से आग बरसनी शुरू हो गई। इस असर यातायात पर भी पड़ा। 12 बजते-बजते सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा। गर्म हवाओं के कारण घर के अंदर भी लोग उमस से पसीने-पसीने रहे। जरूरी कार्य के सिलसिले में घरों से बाहर निकले लोग गर्मी में हलक तर करने के लिए सहज ही शीतल पेय पदार्थों की दुकान पर पहुंच जा रहे थे। सुबह आठ बजे से ही शुरू हुई तीक्ष्ण धूप और गर्मी के तेवर शाम को पांच बजे के बाद तक जारी रहा।
सूर्यास्त के बाद भी हवाओं की तासीर गर्म रही। इससे सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को हुई। कॉलेज जाने वाली छात्राओं को सिर से पांव तक खुद को कपड़े से ढंककर निकलना पड़ा। ऐसे मौसम में सेहत पर भी असर पड़ने की आशंका ज्यादा रहती है। ऐसे में चिकित्सकों ने खास सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि धूप और लू से बचकर रहें। धूप में बाहर न निकलें। निकलना हो तो सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त कर लें। भर पेट पानी पीकर बाहर निकलना चाहिए। इस मौसम में हीट स्ट्रोक का खतरा रहता है। ऐसे में जरूरी है कि तबीयत बिगड़े तो तुरंत अच्छे चिकित्सक से परामर्श लें।