वहिदानगर। डीघ क्षेत्र स्थित रामलीला मैदान में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमयी रामकथा में शनिवार को कथावाचक पं. हरिकृष्ण महराज ने माता सीता की अग्नि परीक्षा का वर्णन किया। उन्होंने उनकी अग्नि परीक्षा पर लिखी चौपाई के माध्यम से उसका सार समझाया। कहा कि हरण माता सीता का नहीं बल्कि उनकी छाया का हुआ था। निशाचरों के वध के लिए श्रीराम की बात पर माता सीता ने अग्नि में वास कर लिया था। लंकापति रावण ने छाया रूपी सीता का हरण किया था। सीता की खोज में निकले राम-लक्ष्मण को रास्ते में घायल गिद्धराज मिले। राम की गोद में गिद्धराज को प्राण त्यागने पर मोक्ष मिला। कथा का यह प्रसंग सुन श्रोता भाव-विभोर हो गए। इस मौके पर दिनेश पांडेय, परोरन पांडेय, धर्मेंद्र पांडेय, मधुकर, ओम आदि मौजूद रहे।