ज्ञानपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न विभागों के 1246 मामलों का निस्तारण कर एक लाख 85 हजार अर्थदंड वसूला गया। इसके साथा ही मोटर दुर्घटना के प्रतिकर मामलों में 25 लाख 67 हजार की क्षतिपूर्ति आश्रितों को दी गई। प्री-लिटिगेशन मामलों में दो करोड़ 35 लाख 99 हजार की समझौता राशि तय हुई। निस्तारित वादों से 1500 लोग लाभान्वित हुए। परिवार न्यायालय में एक बिछुड़े परिवार को मिलाया गया
लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज संतराम ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों से कई मामलों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर हो जाता है। निस्तारित मामलों में जिला जज संतराम ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 12 मामलों में 24 लाख 30 हजार आश्रितों को दिलाया। अपर जिला जज प्रथम प्रकाशनाथ श्रीवास्तव ने 42 वाद, प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय ने एक, अपर जिला जज द्वितीय मृदुल कुमार मिश्र ने मोटर दुर्घटना के एक, आपरधिक के तीन वाद, त्वरित न्यायालय द्वितीय संजीव कुमार ने मोटर दुर्घटना के दो, सीजेएम रामकरन यादव ने आपराधिक के 100 मामले, सिविल जज सीनियर डिवीजन रघुवर सिंह ने व्यवहारिक के दो, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रमोहन मिश्रा ने आपराधिक के 73, अपर सिविल जज द्वितीय पवन कुमार सिंह ने दीवानी के तीन, अपर सिविल जज द्वितीय ने आशुतोष कुमार ने दीवानी के तीन, अपर सिविल जज अभिनव कुमार यादव ने दीवानी के तीन, सिविल जज दीपकनाथ ने दीवानी के 11, आलोक कुमार यादव ने दीवानी के चार मामले निस्तारित किए।
जेएम प्रथम प्रभाष कुमार त्रिपाठी ने आपराधिक के 41, जेएम द्वितीय पवन कुमार चौरसिया ने आपराधिक के 35 मामले निस्तारित किए। एसडीएम ज्ञानपुर कविता मीणा ने आपराधिक के 220, एसडीएम भदोही ने आपराधिक के 122, एसडीएम औराई ने आपराधिक के 71, तहसीलार ज्ञानपुर ने राजस्व के 31, भदोही ने 60 और स्टांप के एक मामले का निस्तारण किया। इसी तरह बैंक के एनपीए खातों के बैंक लोन रिकवरी के मामलों में प्री-लिटीगेशन के 405 मामलों का निस्तारण करते हुए दो करोड़ 35 लाख समझौता राशि तय की गई।