ज्ञानपुर। वाराणसी-प्रयागराज रेल रूट पर सोमवार को जॉकल फिशप्लेट छिटक कर अलग होने के बाद क्षतिग्रस्त पटरी से शिवगंगा समेत कई ट्रेनें धड़धड़ाते हुए निकल गईं। दो गॉर्डरों के ज्वांइट पर निकली फिशप्लेट को देखकर भौचक ग्रामीणों ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। इसके एक घंटे बाद ट्रैक को दुरुस्त कर गाड़ियों की आवाजाही शुरू की गई।
पूर्वोत्तर रेलवे का मंडुआडीह-इलाहाबाद सिटी रेल खंड जैसे-जैसे आधुनिक सुविधाओं से लैस होता जा रहा है, वैसे-वैसे सुरक्षा और संरक्षा की खामियों की लिस्ट भी तैयार होती जा रही है। सोमवार की अलसुबह जंगीगंज स्टेशन के पश्चिमी छोर स्थित किलोमीटर संख्या 275-8 से 10 के बीच रेल पटरी में कसी गई जॉकल फिशप्लेट पूरी तरह से छटककर अलग हो गई। इसके बावजूद कई महत्वपूर्ण रेलगाड़ियां ट्रैक से होते हुए निकल गईं।
बताया जाता है कि सोमवार को सुबह की-मैन पेट्रोलिंग करते हुए अपनी सीमा तक गया, लेकिन जॉकल फिशप्लेट पर उसकी नजर नहीं पड़ी। नौ बजे के आसपास पटरी पकड़ कर लौट रहे ग्रामीणों की नजर खिसकी प्लेट पर पड़ी तो इसकी सूचना मुख्य नियंत्रक को दी गई। मुख्य नियंत्रक वाराणसी मंडल सचिन मिश्रा ने तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया। मामला चीफ रेलपथ निरीक्षक माधोसिंह के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने कीमैन को भेजकर प्लेट को दुरुस्त कराया। तब तक मंडुआडीह से नई दिल्ली शिवगंगा एक्सप्रेस, प्रयागराज-मऊ डीएमयू, नई दिल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस, मंडुआडीह-नई दिल्ली एक्सप्रेस के अलावा दो पैसेंजर गाड़ियां गुजर गईं थीं। उधर दोनों रेलपथ निरीक्षक इसको मामूली कमी बताते रहे।
ब्लाक सेक्शन का फाल्ट बनता है दुर्घटना का कारण
ज्ञानपुर। मुख्य रेलपथ निरीक्षक माधोसिंह एके सिंह का कहना था कि चार माह पर होने वाली मशीन मेड चेकिंग के दौरान मिलने वाली कमियों को जॉकल फिश प्लेट लगाकर पूरा किया जाता है। ब्लॉक सेक्शन यानि एफएम प्वाइंट पर खिसकने वाली प्लेट बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। जॉकल प्लेट खिसकने का मामला ज्यादा बड़ा प्रभाव नहीं डालता। वैसे सुबह के समय पेट्रोलिंग में लगे कर्मचारी से पूछताछ जारी है, लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।