ज्ञानपुर/चौरी/सुरियावां। 1857 क्रांति की सेनानी ऊदा देवी का बलिदान दिवस शुक्रवार को जिले के कई स्थानों पर मनाया गया। उनके बलिदान पर प्रकाश डालते हुए समाज को उससे सीखने को कहा गया।
ज्ञानपुर के सपा कार्यालय पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर सभी ने नमन किया। सपा जिलाध्यक्ष मो. आरिफ सिद्दीकी ने कहा कि ऊदा देवी 1857 से शुरू हुई क्रांति की सूबे की पहली क्रांतिकारी नायिका थीं। पूर्व विधायक मधुबाला पासी, जाहिद बेग ने भी उनके बलिदान पर प्रकाश डाला। इस मौके पर ओमप्रकाश यादव, रामकिशोर ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम कीअध्यक्षता अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष हृदय सरोज और संचालन राम बहादुर पासी ने किया। इस मौके पर गुलाब पासी, डबलू सिंह, महेंद्र पासी, राजकुमार, मनोज यादव, रमेश ददा, राजकुमार पासी, अनिल, शिवराम आदि मौजूद रहे। चौरी संवाददाता के अनुसार, पासी विकास मंडल समिति की ओर से महुआपुर में वीरांगना ऊदा देवी का बलिदान दिवस मनाया गया। बीएचयू के डॉ. संजय कुमार ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि समाज को जागरूक होने के लिए अपने अतीत को देखना होगा। पासी समाज के लिए ऊदा देवी एक मिसाल हैं। जिन्होंने आजादी की लड़ाई में एक साथ 36 अंग्रेजों को मारा। गंगाराम पासी, राधेश्याम, रामचंद्र, लल्लन प्रसाद, किशोरीलाल, अवनीश कुमार, धर्मेंद्र कुमार, प्रेमनाथ, रजवंती देवी आदि रहीं। सुरियावां संवाददाता के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप अमर शहीद वीरांगना ऊदा देवी विकास समिति की ओर से बलिदान दिवस मनाया गया। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि समाज के महापुरुषों से हमें सीखने की जरूरत है। उनकी प्रेरणा लेकर ही हम तरक्की कर सकते हैं। इस मौके पर सुनील कुमार, डॉ विद्या ज्योति, उमिला सरोज, हंडिया प्रमुख रामफल सरोज, रमाकांत, गुलाब सरोज आदि रहे। भोजपुरी गायक रमेश भंवरा ने गीतों के माध्यम से वीरांगना के बलिदान दिवस पर प्रकाश डाला।