ज्ञानपुर। सूर्योपासना के महान पर्व डाला छठ की महिमा अपरंपार है। पग-पग पर श्रद्धा के भाव से सराबोर लोक आस्था के इस पर्व का आध्यात्मिक उल्लास मंगलवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही घाटों पर दिखा। हजारों की संख्या में घाटों और सरोवरों पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने छठी मइया के प्रति अटूट आस्था दिखाई। मां के प्रति श्रद्धा ने अनहोनी को होनी बना दिया। लिहाजा उसी भाव से पूजन किया जा रहा है।
अमर उजाला से बातचीत में घाटों पर पहुंची व्रती महिलाओं ने छठी मइया के प्रति गहरी आस्था प्रकट करते हुए कहा कि मनोकामना पूर्ति के साथ ही यह पर्व अंत:करण की शुद्धि का भी है। ज्ञानपुर क्षेत्र के चकमनरायपुर की जानकी 38 साल से छठ का व्रत करती चली आ रही हैं। उन्होंने कहा कि शुरू में यह कामना थी कि पुत्र होगा तो व्रत रखूंगी। मां की कृपा से ऐसा ही हुआ और तब से व्रत करती हूं। आठ साल से छठ का व्रत कर रही पटेलनगर की नीलिमा श्रीवास्तव ने कहा कि एक मनौती थी, जिसे छठ मां ने पूर्ण कर दिया। इसलिए व्रत रखती हूं और हमेशा रखती रहूंगी। बिहार के गोपालगंज की रहने वाली शीला देवी ज्ञानपुर में रहती हैं। कहा कि पति की अच्छी नौकरी मिलने के लिए व्रत शुरू किया था। मां का आशीर्वाद साथ है। मूसीलाटपुर की सोनी राय कहती हैं कि घर में सुख-शांति बनी रहे, यही सबसे बड़ी इच्छा है। इसीलिए मां की पूजा करती हूं। व्रत भी रखती हूं। सबसे बड़ी बात उनकी ही कृपा से हर क्षण गुजर रहा है।