इंदिरा मिल फ्लाईओवर निर्माण में देरी के खिलाफ मंगलवार को सपा, कांग्रेस समेत वामदल भाकपा और माकपा के नेताओं ने इंदिरा मिल चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया और सभा की। लेटलतीफी के लिए रेलवे और प्रदेश सरकार को दोषी ठहराते हुए सपा के पूर्व विधायक जाहिद बेग ने सत्ता पक्ष पर जिले के विकास की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। मौके पर पहुंचे एसडीएम आशीष कुमार को ज्ञापन सौंपने के बाद विभिन्न दलों के नेताओं ने आंदोलन समाप्त किया।
पूर्व विधायक ने कहा कि इस आंदोलन को कमजोर करने के लिए राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई। पूछना चाहता हूं कि केवल रेलवे के काम पूरा करने के लिए कितना समय चाहिए। जबकि पूर्ववर्ती सरकार के समय ही राज्य सेतु निगम ने अपना काम पूरा कर दिया था। फ्लाईओवर न बनने से रोज जाम लग रहा है। स्कूली बच्चे स्कूल से छूटकर घंटों देरी से घर पहुंच रहे हैं। अभिभावकों को परेशान होना पड़ रहा है। सपा जिलाध्यक्ष मो. आरिफ सिद्दीकी ने कहा कि भाजपा सरकार सबका साथ सबका विकास का नारा देकर लोगों को बरगला रही है। कहा कि यह कार्यक्रम जनता की मांग पर जनता के लिए किया जा रहा है।
विभिन्न दलों के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के अंदर फ्लाईओवर निर्माण कार्य चालू नहीं हुआ तो रेल चक्काजाम किया जाएगा। आंदोलन के दौरान सभा में पहुंचे उपजिलाधिकारी आशीष कुमार ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन लेकर धरना समाप्त कराया। संचालन एडवोकेट शोभनाथ यादव ने किया। इस दौरान मुख्य रूप से प्रदेश कांग्रेस समिति के सदस्य मुशीर इकबाल, मसूद आलम, वसीम अंसारी, संजीव दूबे, भाकपा के इजहार खां, माकपा के पूर्व सचिव और अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष इंद्रदेव पाल, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव, नान्हक यादव, पन्नालाल यादव, प्रमोद चंद्र मौर्य, अलीशेर खां, कन्हैया लाल मौर्य, गुलाब राईन, मुन्ना यादव, मुख्तार हाशमी, अख्तर खां, इजहार खां, आसिफ खां, बब्बू यादव, राधेश्याम यादव, बृजेश यादव, मिंटू बेग, अय्यूब अंसारी, इमरान खां, राजकुमार यादव, मनोज यादव, अशोक यादव, कामिल अंसारी, शफीक अहमद आदि उपस्थित रहे।
भाजपा ने आड़े हाथों लिया
भदोही।
भारतीय जनता पार्टी ने सर्वदलीय सभा को आड़े हाथों लेते हुए निंदा की है। जिला मीडिया प्रभावी सर्वेश पाल ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सपा नेता जो राजनीति कर रहे हैं, उससे जनता वाकिफ है। आज विकास में बाधा कहकर वाम दल उनका समर्थन कर रहे हैं जबकि इन्हीं वाम दलों के चलते कंधिया क्षेत्र में स्पेशल इकोनामिक जोन (सेज) की स्थापना नहीं हो सकी।