ज्ञानपुर। सावन के पहले सोमवार को देवाधिदेव महादेव के जलाभिषेक के लिए शनिवार को कांवरियों का जत्था शिव धामों की ओर रवाना हो गया। बड़ी संख्या में कांवरिये ज्ञानपुर और आसपास के इलाकों से प्रयाग पहुंचकर जल उठाते हैं और वहां से काशी विश्वनाथ और सेमराधनाथ धाम की कांवर यात्रा पर निकलते हैं।
शनिवार को जिले की तमाम सड़कों पर बोल बम के नारे गूंजे। बड़ी संख्या में गेरुआ वस्त्र धारी युवक-युवतियां और बच्चे कांवर यात्रा पर निकल पड़े। मन में शिव की आस्था और कंधे पर सजी कांवर के साथ कांवरियों का जत्थे पर जत्था सड़कों पर निकल पड़ा। सावन शुरू होने से पूर्व ही जीटी रोड शनिवार को केसरिया रंग में रंगने लगा। जहां-तहां अपनी धुन में मदमस्त कांवरियों का झुंड भोलेधाम की ओर से रवाना होता दिखाई पड़ रहा था। इस दौरान पथरीली और जर्जर सड़कों की विषम परिस्थितियां भी उनके रास्ते नहीं रोक पा रहीं थीं। ज्ञानपुर से तकरीबन चार जत्थे प्रयाग के लिए रवाना हो गए। निजी वाहनों के अलावा किराए की गाड़ियों पर सवार होकर भी कांवरिया जल उठाने के लिए प्रयाग रवाना हुए। वहां से पैदल यात्रा करते हुए शिवभक्तों का जत्था काशी विश्वनाथ रवाना होगा। कांवरियों की आवभगत के लिए तमाम समितियां और सामाजिक लोग आगे आ गए हैं। सड़क पर जगह-जगह कांवरिया सेवा समिति के कैंप बनाए गए हैं, जहां कांवरियां के लिए विश्राम और नाश्ते आदि की व्यवस्था रखी गई है।