फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विकास के लिए छोटे राज्यों का गठन जरूरी

विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर। जिले के स्थापना दिवस पर शुक्रवार को पूर्वांचल क्रांति दल ने पूर्वांचल राज्य की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर संकल्प सभा की। इसमें पूर्वांचल राज्य की मांग की आवाज बुलंद की गई। वक्ताओं ने कहा कि प्रशासनिक दक्षता और विकास के लिए छोटे राज्य का गठन जरूरी है। सपा और बसपा के नेता पश्चिमी यूपी से हैं, जिससे पूर्वांचल राज्य का गठन नहीं हो पा रहा है। भाजपा की ओर से भी इस पर ठोस पहल नहीं की जा रही है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया गया।
विज्ञापन

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामसखा त्रिपाठी ने कहा कि संविधान में लिखा है कि राज्यों का आकार जनसंख्या और उसके क्षेत्रफल के आधार पर होना चाहिए। आजादी के 70 साल बाद जो राज्य बाद में गठित हुए उनका विकास बेहतर हुआ। उत्तराखंड के लोग दूसरे प्रांतों में नौकरी करने के लिए नहीं जाते। औद्योगिक शून्यता के चलते पूर्वांचल का युवा पलायन के लिए मजबूर हैं। सरकारों की ओर से पूर्वांचल के हित को लेकर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि 10 जिले का तेलंगाना प्रांत बन सकता है तो 27 जिले को पूर्वांचल राज्य बनाना जरूरी है। उन्होंने कृषि को उद्योग का दर्जा, किसानों को जीरो प्रतिशत पर ब्याज, नौकरी न मिलने तक बेरोजगारों को भत्ता, महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण, छुट्टा पशुओं के लिए प्रत्येक गांव में पशुशाला और बीएड, टीईटी उत्तीर्ण सभी छात्रों को नौकरी देने की मांग की। सभा में चंद्रमणि तिवारी, राजेश्वर दूबे, जयकृष्ण माहेश्वरी, राकेश दूबे, चुन्नू सिंह, गामा पटेल, हरिशंकर तिवारी, सुरेश पटेल, अमरजीत यादव, राम लोलारख मिश्र आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें