केंद्र सरकार की इंदिरा आवास और प्रदेश सरकार की लोहिया आवास योजना के तहत जिले में बन रहे गरीबों के 1800 आवास तय समय में पूर्ण नहीं हो सके हैं। इससे डेढ़ माह बाद शुरू हो रही बारिश में गरीबों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। प्रशासन की उदासीनता से कार्यदायी संस्थाओं की मनमानी ने गरीबों की चिंता बढ़ा दी है।
गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार की इंदिरा आवास योजना चलाई जा रही है। आवासों का निर्माण कार्य अप्रैल 2016 तक पूरा हो जाना था,लेकिन पूरी नहीं हो सकी। इस योजना के तहत लाभार्थी को दो किस्तों में 90 हजार के अलावा मनरेगा मजदूरी का 15 हजार मिलता है। वित्तीय वर्ष 2015-16 में जिले में 1340 लाभार्थियों का चयन कर पहली किस्त भेजी गई। आधा अधूरा निर्माण होने के बाद विभाग 30 अप्रैल से दूसरी किस्त भेज रहा है। ऐसे में जून महीने के दूसरे पखवारे तक आवास पूर्ण होना मुश्किल दिख रहा है। इसी तरह प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लोहिया आवास योजना के तहत आवास के लिए 2015-16 में 633 लाभार्थियों का चयन किया गया, जिसमें 152 आवास पूर्ण हुए, जबकि 481 आवास अब भी अधूरे हैं। करीब तीन लाख 20 हजार की लागत से बनने वाले 481 आवासों को पूरा होने में करीब सितंबर से अक्टूबर माह लगेगा। ऐसे में जून माह से शुरू हो रही बारिश में लाभार्थियों को सांसत सहनी पड़ेगी। मंडलायुक्त से लेकर जिलाधिकारी की तमाम सख्ती के बाद भी कार्यदायी संस्थाओं पर इसका खास असर नहीं पड़ा, जिससे 60 फीसदी से अधिक लोहिया और सभी इंदिरा आवास अपूर्ण हैं।
परियोजना निदेशक डीआरडीए संत कुमार ने कहा कि इंदिरा आवास की दूसरी किस्त जारी कर दी गई है। बारिश शुरू होने से पहले उसे पूरा करा लिया जाएगा। लोहिया आवासों का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। मई माह के अंत तक लोहिया आवास भी पूरा हो जाएगा।