आगामी चार से सात अक्तूबर तक होने वाले इंडिया कारपेट एक्सपो में स्टॉल लगाने वाले निर्यातकों की संख्या 170 पहुंच गई है। वहीं, एक्सपो में शामिल होने के लिए पंजीकरण कराने वाले खरीदारों (बायर्स) की संख्या भी अब तक 180 हो चुकी है।
आयोजक कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) का कहना है कि अभी एक्सपो में करीब एक माह का समय है। ऐसे में स्टॉल लगाने वाले निर्यातकों और विदेशी खरीदारों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। सीईपीसी की ओर से आयोजित होने वाला यह 50वां कारपेट एक्सपो होगा। इसकी सफलता के लिए परिषद के पदाधिकारी तैयारियों में जुटे हैं।
इंडिया कारपेट एक्सपो देश-विदेश के कालीन उत्पादकों और खरीदारों को जोड़ने वाला एशिया का प्रमुख मंच है। सीईपीसी की ओर से इसका आयोजन वर्ष में दो बार किया जाता है। अब तक इसके 49 संस्करण हो चुके हैं। भदोही में आयोजित होने वाला एक्सपो 50वां संस्करण होगा।
इसे ऐतिहासिक बनाने के लिए सीईपीसी पदाधिकारी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।हाल ही में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच उत्पन्न तनाव के कारण इस वर्ष की शुरुआत में नई दिल्ली में प्रस्तावित एक्सपो रद्द करना पड़ा था। इसके बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था पर तनाव का असर बना हुआ है।
परिषद के चेयरमैन कैप्टन मुकेश कुमार गोम्बर ने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों के बीच अब तक 180 आयातकों ने पंजीकरण कराया है, जो संतोषजनक है।
इसी तरह 170 निर्यातकों ने स्टॉल लगाने के लिए बुकिंग कर ली है। उन्होंने कहा कि एक्सपो में अभी करीब एक माह का समय बाकी है, इसलिए आयातकों और निर्यातकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। चेयरमैन ने बताया कि इस बार ब्रिक्स देशों के आयातकों को भी जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) समेत अन्य देश शामिल हैं। इन देशों से आयातक पहले भी एक्सपो में आते रहे हैं, लेकिन इस बार उनकी संख्या बढ़ने की उम्मीद है।