ज्ञानपुर। प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों को दूध और फल वितरण की स्थिति ठीक नहीं है। प्रधान और हेडमास्टर कागजों में ही वितरण कर कनवर्जन कास्ट हजम कर जा रहे हैं। ताजा मामला औराई विकास क्षेत्र के लक्षमणिया स्कूल का सामने आया है। शिक्षा विभाग की जांच में खामी सामने मिलने पर हेडमास्टर का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है, जबकि अनुपस्थित सहायक अध्यापक का एक दिन का वेतन काटा गया है।
एमडीएम के कंप्यूटर ऑपरेटर अरविंद कुमार मौर्य ने 23 अप्रैल को प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान हेडमास्टर इम्तियाज अहमद, सहायक अध्यापक पूजा सोनकर, रूबीना और वंदना मौर्य उपस्थित मिले, जबकि रमेश चंद्र पाल अनुपस्थित रहे। अनुपस्थित शिक्षक के बारे में पूछा गया तो सही जानकारी नहीं मिली। एमडीएम रजिस्टर में दूध और फल वितरण दर्शाया गया था, जबकि बच्चों को बांटा नहीं गया था। ग्राम प्रधान और हेडमास्टर ने कई बहाने बनाए। जांच में पाया गया कि हेडमास्टर 18 और 20 अप्रैल को बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सभी शिक्षक और अनुदेशक उपस्थित रहे, लेकिन शौचालय की हालत खराब मिली। फल एवं दूध के वितरण में शासकीय धन का दुरुपयोग पाया गया। कंप्यूटर ऑपरेटर की जांच रिपोर्ट पर बीएसए अमित कुमार ने हेडमास्टर इम्तियाज अहमद का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकते हुए स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है, जबकि सहायक अध्यापक रमेश चंद्र पाल का एक दिन का वेतन काटा गया है।