ज्ञानपुर। आयोग के फरमान के बाद भी जिलेे में लाइसेंसी असलहे जमा कराने में पुलिस महकमे को पसीना छूटने लगा है। सवा महीने गुजरने के बाद भी 50 फीसदी असलहे पुलिस के पास जमा नहीं हो सके। तमाम सख्ती के बाद भी असलहा जमा न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है। चुनाव को सकुशल एवं शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से तमाम सख्ती बरती जाती है। दो गुटों में मारपीट के बाद असलहे से फायरिंग आदि न हो इसके लिए लाइसेंसी असलहों को भी चुनाव में जमा करा लिया जाता है। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता प्रभावी होने के बाद से ही चुनाव में माहौल खराब करने वालों को नोटिस भेजकर शपथ पत्र भराया जा रहा है तो लाइसेंसी असलहा भी जमा कराया जा रहा है। जिले में 5615 लाइसेंसी असलहों में अब तक ढाई हजार ही पुलिस के पास पहुंच सके हैं जबकि अन्य असलहे अब भी लाइसेंसधारकों के पास ही है। असलहा जमा न हो इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। औराई कोतवाली में 850 असलहों में 400, ऊंज में 157 में 102, सुरियावां में 470 में 320 जमा हुए जबकि 70 लोगों ने आवेदन देकर दिक्कतों का हवाला दिया। इसी तरह ज्ञानपुर में करीब 590 में 250, भदोही में 420 में 200 जबकि चौरी में 90 में 60 असलहे जमा हो सके हालांकि पुलिस महकमें का दावा है कि 80 फीसदी असलहा जमा हो चुका है। एएसपी डॉ. संजय कुमार ने कहा कि चार हजार असलहों को जमा करा लिया गया है। 30 अप्रैल तक सभी असलहों को जमा करा लिया जाएगा।