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सत्य की साधना कष्टदायी संग फलदायी

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जंगीगंज। इलाके के धनीपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को आकर्षक झांकियों के साथ मनाया गया। भक्त जय कन्हैया लाल की जयघोष के साथ भक्ति में मगन होकर नृत्य करने लगे।
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कथावाचक आचार्य विनोद माधव ने कहा कि श्रीकृष्ण की बाल लीला में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष सब समाहित है। कहा कि मनुष्य को व्यर्थ के कार्यों में न पड़कर जन कल्याण और ईश्वर भक्ति में लीन होकर प्रभु से आत्मसात करना चाहिए। मां देवकी ने सत्य की साधना की। सत्य की साधना कष्टदायी हो सकती है, लेकिन इसके फल के रूप में हमें श्रीकृष्ण ही प्राप्त होंगे। वह हमारे जीवन को आनंद से भर देंगे। भगवान कृष्ण सभी समस्याओं का समाधान हैं। उनके मार्गदर्शन में जीवन अगर चलने लगा तो जीवन का हरर मार्ग आनंद से भर जाएगा। प्रभु कृष्ण भक्तों के प्रार्थना रूपी निर्मल झील में प्रतिदिन स्नान करते हैं। विनोद माधव जी महाराज ने प्रार्थना की विधि बताते हुए कहा कि प्रार्थना में भाषा की प्रधानता नहीं वरन भाव की होती है। कथा में श्रीकृष्ण जन्म से पहले नवम स्कंध के अंतर्गत राम कथा सुनाई और कहा कि भागवत में श्रीकृष्ण जन्म से पहले राम कथा की चर्चा इसी कारण कही गई है। कहा भागवत कथा एक ऐसी कथा है, जिसे सुनने ग्रहण करने से मन को शांति मिलती है। व्यास जी ने कहा कि मानव का सबसे बड़ा दुश्मन हमारे अंदर बैठा अहंकार है। मौके पर नवल किशोर मिश्र, धनंजय मिश्र, कृष्ण चंद्र मिश्र, जयशंकर मिश्र, संजय मिश्रा, मुकेश कुमार, अनूप मिश्रा, गुड्डू प्रमोद आदि मौजूद रहे।
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