ज्ञानपुर (भदोही)।
केंद्र और प्रदेश सरकारें स्वास्थ सुविधाओं की बेहतरी के लिए तमाम प्रयास कर रही हैं, मगर सुविधाएं बेहतर होने का नाम नहीं ले रही हैं। सरकार के प्रयासों को पलीता लगाने से चिकित्सा अधिकारी और चिकित्सक बाज नहीं आ रहे हैं।
जीएसटी लागू हुए दो महीने बीतने को हैं, लेकिन अभी तक जिला अस्पताल और मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय ने दवा की खरीदारी के लिए जीएसटी में पंजीकरण नहीं कराया है। अस्थायी जीएसटी नंबर से दवा की खरीदारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, निदेशक भंडारण ने अस्थायी जीएसटी नंबर मुहैया कराया है। आवश्यक दवाओं की खरीदारी इसी नंबर से की जा रही है। शीघ्र ही जीएसटी में पंजीकरण हो जाएगा। अस्पतालों में दवाओं की कमी नहीं हैं लेकिन सच्चाई यह है कि जीएसटी का पंजीकरण न होने से दवाओं की खरीदारी प्रभावित हो रही है। कई अस्पतालों में दवा की किल्लत उत्पन्न हो गई है। इस समय जिले में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप है। उल्टी, दस्त, वायरल फीवर, टाइफाइड, मलेरिया बुखार से लोग पीड़ित हैं। सेप्रो, पैरासिटामाल, मेट्रोजिल, ओआरएस, उल्टी की गोली, खांसी-जुकाम की दवा की अधिक खपत है। इनमें से कई दवाएं अस्पतालों में उपलब्ध नहीं है। रोक के बावजूद चिकित्सक बाहर की दवा लिख रहे हैं। मरीज बाहर से दवा खरीदने के लिए विवश हैं। जिले में जिला अस्पताल ज्ञानपुर, महाराजा बलंवत सिंह राजकीय चिकित्सालय भदोही के अलावा पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 160 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं। फिर भी मरीज निजी अस्पतालों में इलाज कराना पसंद करते हैं। वजह सरकारी अस्पतालों की बदहाली है।
जिला अस्पताल, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय और मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय को दवाओं की खरीदारी के लिए जीएसटी का पंजीकरण कराना है। अभी तक केवल महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय ने ही पंजीकरण कराया है। जिला अस्पताल के सीएमएस डा. डीबी प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में किसी भी दवा की कमी नहीं हैं। अस्थायी जीएसटी नंबर से दवा की खरीदारी की जा रही है। पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया है, शीघ्र ही पंजीकरण हो जाएगा।
इस समय कुछ स्वास्थ्य केंद्रों में दवा की कमी जरूर है। दवाएं बराबर आ रही हैं। जीएसटी पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया है, शीघ्र पंजीकरण हो जाएगा। - डॉ. सतीश सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी भदोही