ज्ञानपुर। जिले में लंबे समय के बाद खान विभाग में स्टॉफ की तैनाती हुई है। इससे कालीन नगरी में लगभग शिथिल पड़ीं खनन विभाग की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद बढ़ गई है। लगभग डेढ़ दशक से जिले में मनमाने ढंग से बालू से लेकर मिट्टी आदि खनन बड़े पैमाने पर अवैध ढंग से चल रहा था। भदोही जिले के खनन का काम मिर्जापुर के अधिकारी देखते थे, इससे कोई लगाम नहीं थी। वहीं बिना स्टॉफ और कार्यालय के चल रहे विभाग में खान निरीक्षक के बाद लिपिक की तैनाती की गई है।
जिले में मिर्जापुर, सोनभद्र और चंदौली की तरह खनन के क्षेत्र नहीं हैं। सिर्फ गंगा में बालू के अलावा और कहीं खनन का स्रोत नहीं है। इससे जिले में कोई भी खान विभाग का स्टॉफ तैनात नहीं होता था। वे उन्हीं तीनों जिलों में तैनाती के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए रहते थे। सोनभद्र में लंबे समय से जमे अफसरों को निदेशालय से बड़े पैमाने पर चंदौली, सोनभद्र और मिर्जापुर में इधर उधर कर दिया गया। इसमें एक लिपिक का स्थानांतरण भदोही जिले लिए किया गया है। वहीं दो माह पूर्व जिले में एक खान निरीक्षक मोहम्मद एजाज की तैनाती निदेशालय लखनऊ से की गई है। दो माह से प्रभारी खान अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे एजाज को स्टॉफ न होने से परेशानी हो रही है। खनन लिपिक के आने से राहत मिलेगी। स्टॉफ की गतिविधियों में भी तेजी आएगी। जिले के ईट-भट्टों, गंगा से बालू और मिट्टी खनन पर राजस्व की चोरी रुकेगी।