ज्ञानपुर। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना महिलाओं के लिए भी नई उम्मीद लेकर आई है। जिले में 170 महिलाओं को इस योजना के तहत ऋण स्वीकृत किया गया है। इनमें से 140 महिलाओं के खातों में धनराशि भी पहुंच चुकी है। खास बात यह है कि महिलाएं केवल बुटीक और सिलाई-कढ़ाई तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि किराना दुकान, ब्यूटी पार्लर और घरेलू उद्योग जैसे कार्यों में भी कदम बढ़ा रही हैं। आने वाले समय में महिलाएं रोजगार का माध्यम बनेंगी। युवाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। इसमें प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में युवाओं की काफी दिलचस्पी है। पुरुष से लेकर महिलाएं भी इसमें अपना भाग्य आजमा रही हैं। योजना के तहत बिना ब्याज के पांच लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है। जिले में अब तक 500 से अधिक लोगों को इसका लाभ मिला है लेकिन पहली बार महिलाओं की इतनी बड़ी संख्या को मंजूरी मिलना प्रशासन के लिए भी सकारात्मक संकेत है। ऋण पाने वाली पाली की काजल जायसवाल का कहना है कि बिना ब्याज के ऋण मिलना महिलाओं के लिए बड़े मौके जैसा है। मैंंने कार्पेट उद्योग में पैसा लगाया है। यह एक बेहतर अवसर की तरह है। इसी तरह सारीपुर निवासी अनुराधा ने बताया कि उसने ब्यूटी पार्लर खोला है। इस ऋण ने उसके सपनों को उड़ान दी है। उपायुक्त उद्योग आशुतोष सहाय पाठक ने बताया कि 170 महिलाओं को योजना का लाभ दिया जा चुका है। शेष अन्य आवेदनों की जांच जारी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर इस योजना की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है ताकि अधिक से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो सकें। उन्होंने बताया कि इस बार एक हजार लोगों को लाभ देने का लक्ष्य है।