ज्ञानपुर। आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, जरूरत पड़ने पर उन पर मुकदमा भी दर्ज होगा। चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए गठित टीमें अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाएं। यह बातें प्रेक्षक बीपी चौहान ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में निर्वाचन की बैठक में अधिकारियों से कही। उन्होंने कहा कि आयोग के निर्देशों का पालना कराया जाएगा।
प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटन के बाद प्रेक्षक ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर निर्वाचन आयोग के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देेश दिया। उन्होंने कहा कि जाजीय या धार्मिक दुहाई नहीं देना चाहिए। मस्जिदों, गिरजाघरों, मंदिरों संग अन्य देवस्थलों का निर्वाचन प्रचार के मंच के रूप में प्रयोग नहीं किया जाए। जो निर्वाचन विधि के अधीन भ्रष्ट आचरण और अपराध है, जैसे कि मतदाताओं को रिश्वत देना, डराना और याचना करना आचार संहिता के उल्लंघन की श्रेणी में आएगा।
किसी भी राजनीतिक दल या अभ्यर्थी को ध्वज बनाने, ध्वज टांगने, सूचनाएं चिपकाने, नारे लिखने आदि के लिये किसी भी व्यक्ति को भूमि, भवन अहाते, दीवार आदि का उसकी अनुमति के बिना उपयोग नहीं करना होगा। प्रेक्षक ने कहा कि नोटिस का जवाब 2 4 घंटे में न देने पर आईपीसी और आचार संहिता के उल्लंघन की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद, एसपी राजेश एस ने गठित टीम के प्रभारियों को विशेष निगरानी रखने के लिए निर्देश दिया। चेकिंग की शत-प्रतिशत वीडियोग्राफी कराई जाए। होटलों, धर्मशालाओं आदि में लगातार औचक निरीक्षण कर संदिग्धों की गिरफ्तारी की जाए। प्रत्याशी निर्वाचन आयोग से तय 70 लाख की धनराशि ही खर्च करें और प्रतिदिन का व्यय रजिस्टर पर अंकित करें। एडीएम राम सिंह वर्मा, वरिष्ठ कोषाधिकारी धर्मेंद्रपति त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।