ज्ञानपुर। कोतवाली क्षेत्र के काशीरामपुर (गोपीपुर) गांव में बृहस्पतिवार सुबह शौच जाते समय पानी की टंकी में गिरने से एक युवा अधिवक्ता की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। खबर मिलते ही पोस्टमार्टम हाउस पर अधिवक्ताओं का तांता लग गया।
काशीरामपुर (गोपीपुर) गांव निवासी आनंद शंकर दुबे के बेटे आलोक दुबे (35) दीवानी न्यायालय में प्रैक्टिस करते थे। हर रोज की तरह बृहस्पतिवार की सुबह करीब पांच बजे वह शौच के लिए निकले। घर से चंद कदम दूर स्थित टंकी से पानी निकालते समय वह उसमें गिर गए। टंकी में लगे लोहे की रॉड से चोट लगने के कारण संभवत: उनकी मौत हुई। सुबह आसपास के लोग उधर गए तो टंकी में गिरे आलोक को देखा तो अवाक रह गए। खबर मिलते ही मौके पर भीड़ जुट गई। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। उधर, अधिवक्ता की मौत की खबर मिलने पर देखते ही देखते पीएम हाउस से लेकर कोतवाली तक सैकड़ों अधिवक्ताओं की भीड़ लग गई। आलोक तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई आशीष और अमरजीत का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं पत्नी दीप्ति रोते-रोते अचेत हो रही थी। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जाता है कि आलोक की सात साल पूर्व 2011 में शादी हुई थी।
युवा अधिवक्ता आलोक बेहद मिलनसार किस्म के इंसान थे। उनकी इस तरह से हुई मौत पर हर कोई मर्माहत है। घर से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक परिवार वालों का करुण क्रंदन सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो जा रहीं थीं। जो सुनता, वही उस तरह चल देता।
न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
ज्ञानपुर। अधिवक्ता आलोक दुबे की असामयिक मौत पर अधिवक्ता समाज भी शोकाकुल हो गया। घटना को लेकर दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस दौरान कोई कार्य नहीं हुआ। डिबाए के सदस्य अधिवक्ता भी न्यायिक कार्य से विरत रहे।