ज्ञानपुर। काम का बोझ, अनियमित दिनचर्या और तनाव की वजह से युवाओं के सेहत पर विपरीत असर पड़ रहा है। कम उम्र में ही उच्च रक्तचाप जैसी बीमारी नौजवानों को अपनी चपेट में ले रही है। जिले में बीते चार माह में 350 से अधिक युवाओं में हाई बीपी की समस्या पाई गई है। इससे स्वास्थ्य महकमे के भी कान खड़े हो गए हैं। गुजरे चार महीने में अकेले महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में ब्लड प्रेशर के 350 युवा मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें ज्यादातर युवा 20 से 30 साल तक उम्र वर्ग के हैं। कार्य पद्धति में आए बदलाव के साथ ही काम बोझ और तनाव बढ़ने से नई उम्र में भी दिल-दिमाग पर दबाव बढ़ने लगा है। जिससे जून में ब्लड प्रेशर और हार्ट के 82 मरीज, जुलाई में 84, अगस्त में 91 और सितंबर में 93 ब्लड प्रेशर और हदय रोग से संबंधित मरीज जिला अस्पताल पहुंच चुके हैं। इनमें भिदिउरा निवासी राजाराम तिवारी, सुरियावां निवासी लालचंद्र, सरपतहां निवासी शिवकुमार, गोपीगंज निवासी मनीष, बनारस निवासी अंजनी सिंह और भदोही निवासी इबरार समेत शामिल हैं। इसी प्रकार दिन-ब-दिन इसके मरीज बढ़ते जा रहे हैं। प्रभारी सीएमएस एवं टीबी और चेस्ट विभाग विशेषज्ञ डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि तनाव, धूम्रपान, मोबाइल पर ज्यादा समय तक बात करने और काम का बोझ नई उम्र के लोगों का ब्लड प्रेशर बढ़ा दे रहा है। आगे चलकर यह बड़ी बीमारी की वजह बन जाता है। इससे बचने के लिए एक्सरसाइज, धूम्रपान से तौबा, नियमित घर का बना भोजन, वजन को नियंत्रण में रखना, भरपूर नींद, मोबाइल पर लंबे समय तक बात करने से बचने के साथ ही दिमागी संतुलन को बनाए रखना जरूरी हो जाता है। उन्होंने सीने में तेज दर्द, दो कदम चलने पर पसीना आना, चक्कर आना, अचानक सांस फूलना जैसी समस्याओं को ब्लड प्रेशर का लक्षण बताया। कहा कि ऐसी स्थिति में बिना देर किए तत्काल डॉक्टर के पास जाना चाहिए।