सीतामढ़ी। गंगा के जलस्तर में सोमवार को फिर बढ़ोतरी शुरू हो गई। जगह-जगह हो रही बारिश और अन्य नदियों के पानी से गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। जलस्तर सुबह एक से दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार से बढ़ रहा था, जो शाम को चार बजे तक प्रति घंटे चार सेंटीमीटर की गति पकड़ लिया। सोमवार को जलस्तर 69.140 मीटर तक पहुंच गया। पानी बढ़ने से गंगा के पाट धीरे-धीरे जलमग्न हो गए हैं।
गंगा का जलस्तर दो दिनों तक लगभग स्थिर रहने के बाद सोमवार से फिर से बढ़ने लगा है। सीतामढ़ी में जलस्तर बढ़कर 69 मीटर के पार हो गया है। हालांकि इतने पानी से अभी खतरे की बात नहीं मानी जा रही है, लेकिन कोनिया क्षेत्र के तटीय गांवों के लोगों की धड़कनें बढ़ चली हैं। ख़ास तौर पर कटान प्रभावित छेछुआ और भुर्रा गांवों के किसान जलस्तर बढ़ने से परेशान हो जाते हैं क्योंकि उनकी कृषि योग्य उपयोगी भूमि गंगा में समाने लगती है। बता दें कि यह दोनों गांव गंगा कटान की भीषण चपेट में हैं। केंद्रीय जल आयोग के सीतामढ़ी स्थित गेज कार्यालय से प्राप्त आंकड़े के अनुसार, सोमवार शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 69.140 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में चार सेंटीमीटर प्रतिघंटे की दर से बढ़ोतरी हो रही है। इससे पूर्व गत शुक्रवार को जलस्तर 68.730 मीटर था। हफ्ते भर के दौरान गंगा के जलस्तर में पांच मीटर से भी अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है। पानी में जलकुंभी सहित तमाम प्रकार के जलीय पौधे भी बहते देखे जा रहे हैं। पानी घाटों की ओर बढ़ रहा है।