ज्ञानपुर। जनक्रांति के अग्रदूत और आजादी के जननायक शहीद झूरी सिंह समेत अन्य वीर सपूतों की याद में परऊपुर में शहीद स्मारक और स्तंभ बनेगा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के प्रतिमा स्थल के विकास के लिए सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने अपनी निधि से 50 लाख रुपये दिए। पर्यटकों के बैठने के लिए कॉमन हाल का निर्माण शुरू हो गया है जबकि ग्रेनाइट पत्थर से शहीद झूरी सिंह की प्रतिमा और छत बनेगा।
1857 में आजादी की चिंगारी जली तो कालीन नगरी भदोही भी उससे अछूता नहीं रहा। यूरोपीय इतिहासकारों ने भी इसकी पुष्टि की थी कि भदोही में क्रांति व्यापक रूप ले चुकी थी। उस दौरान क्रांति इतनी तेज हुई कि अंग्रेज के छक्के छूट गए। रणबांकुरों में शहीद झूरी सिंह का नाम पहली पंक्ति में लिया जाता है। पूर्वांचल के अन्य जिलों में शहीदों के नाम पर स्मारक और पार्क बनाए गए लेकिन भदोही इससे दशकों तक अछूता रहा। शहीद झूरी सिंह पार्क की बदहाली की आवाज उनके वंशज समेत विभिन्न संगठनों ने उठाई लेकिन कोई पहल नहीं की गई। सांसद वीरेंद्र सिंह को जब शहीदों की कुर्बानी की याद आई तो उन्होंने उनके लिए अपनी झोली खोल दी। उन्होंने सांसद निधि से परऊपुर में शहीद स्मारक, स्तंभ और आधुनिक पार्क बनाने के लिए 50 लाख रुपये दे दिया। वहां पर 500 लोगों को बैठने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कॉमन हाल का निर्माण शुरू हो गया है। सांसद ने बताया कि ग्रेनाइट पत्थर से झूरी सिंह की प्रतिमा और उनके छत का निर्माण कराया जाएगा। परिसर के अंदर इंटरलाकिंग के साथ ही आकर्षक ढंग से बाउंड्रीवाल का निर्माण होगा। शहीद शीतल पाल समेत अन्य दूसरे शहीदों का स्मारक भी वहां पर बनेगा।