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केएनपीजी के छात्रसंघ अध्यक्ष बर्खास्त

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ज्ञानपुर। कूटरचित और फर्जी अभिलेखों के जरिए प्रवेश लेने के मामले में जेल में बंद छात्रसंघ अध्यक्ष किशन शुक्ला को कालेज प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज मुकदमा, प्रवेश के अभिलेखों में जन्मतिथि अलग-अलग दर्शाने के कारण काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (केएनपीजी) के प्राचार्य ने कार्रवाई की है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज मुकदमे की चल रही छानबीन के मद्देनजर कालेज प्रशासन ने छात्रसंघ अध्यक्ष के निलंबन की कार्रवाई की है। कालेज प्रशासन के कार्रवाई से छात्रसंघ अध्यक्ष की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। निलंबन रिपोर्ट में प्राचार्य ने एमए राजनीति शास्त्र के संस्थागत विद्यार्थी किशन शुक्ला पर थाने में धारा 419, 420, 467, 468 और 471 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज होने और इसमें कठोर दंड की व्यवस्था बताया है। सत्र 2016 -17 में किशन छात्रसंघ अध्यक्ष निर्वाचित हुआ, प्रवेश के लिए अभिलेखों में अलग-अलग जन्मतिथियों का प्रयोग किया। यूजी और पीजी कक्षा प्रथम वर्ष प्रवेश फार्म पर जन्मतिथि 11 जून 1991 दर्शाया है तो एमए राजनीति शास्त्र के तीसरे सेमेस्टर में जन्मतिथि 11 दिसंबर 1991 है। प्राचार्य ने माना कि जन्मतिथि में इस अंतर से छात्रसंघ चुनाव प्रक्रिया भी प्रभावित हुई। साथ ही कालेज का अनुशासन एवं शैक्षिक वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। प्राचार्य ने बताया कि निलंबन की कार्रवाई को न्यायालय के अधीन माना जाएगा।
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तत्काल जांच कर करनी चाहिए थी कार्रवाई
ज्ञानपुर। केएनपीजी प्रशासन विरोधी गुट की शिकायत पर तत्काल जांच कराता तो गड़बड़ी उजागर होती और किशन शुक्ला छात्रसंघ चुनाव से बाहर हो जाता लेकिन शिकायत दरकिनार कर कालेज प्रशासन और निर्वाचन महकमा लापरवाह बना रहा। वहीं, प्रशासन से भी विरोधी गुट ने शिकायत की थी। उसे भी अधिकारियों ने जांच न कर मामले को दबा दिया था।
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