ज्ञानपुर। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली बुधवार को देखने को मिली जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी सिंह ग्रामीण अंचलों के स्वास्थ्य केंद्रों का हाल जानने के लिए निकलीं। चौरी के तीन-चार स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान कहीं केंद्र बंद मिले तो कहीं स्टाफ नर्स, एएनएम ही गायब मिलीं। अनुपस्थित चार कर्मियों का वेतन रोका। सीएचसी गोपीगंज में डिलिवरी के एक घंटे बाद ही प्रसूता को डिस्चार्ज करने पर सीएमओ ने नाराजगी जताई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी सिंह सुबह 10 बजे स्वास्थ्य केंद्र चांदी गहना पहुंची। यहां एएनएम सोनी पाल 11 बजे तक नहीं पहुंची थीं। अठगोड़वा के टीकाकरण स्थल पर एएनएम के पास हिमोग्लोबीन, वेइंग मशीन आदि नहीं था। सरबतखानी का आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिला। वहां के सभी आंगनबाड़ी सहायिका एवं कार्यकर्ता का मानदेय रोकने का निर्देश दिया। भदोही सीएचसी में पूजा चौधरी और छाया पाल अनुपस्थित रहीं। सीएचसी अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगते हुए स्टाफ नर्स का का वेतन रोकने का निर्देश दिया। जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर के निरीक्षण के दौरान चादर गंदे मिलने पर नाराजगी जताई। जिला अस्पताल का इमरजेंसी कक्ष गंदा पाया गया। सीएमओ ने सभी को निर्देश दिया कि व्यवस्था में सुधार लाएं अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। इसके पूर्व सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह मंगलवार की रात गोपीगंज नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। अचानक सीएमओ के पहुंचने से वहां के कर्मचारियों में खलबली मच गई। उन्होंने ओपीडी, प्रसूति गृह, लैब, समेत अभिलेखों की सघन जांच पड़ताल की। गेट पर पहुंचते ही उनकी निगाह में एक बच्चा को जन्म देने वाली महिला घर जाने के लिए गेट के पास खड़ी मिली। जिससे पूछताछ में जब उनको मालूम पड़ा कि मात्र एक घंटे पूर्व ही बच्चे को जन्म दिया है और उसे छोड़ा जार हा है तो नाराज हो गई। ड्यूटीरत कर्मचारियों की जम कर क्लास लेते हुए प्रसूता को हॉस्पिटल में पुन: भर्ती कराया। उपस्थिति रजिस्टर देख अनुपस्थित कर्मचारियों का नाम लिख कर साथ ले र्गइं। साथ ही लेबर रूम में गंदगी देख भी नाराजगी जताई। स्टाफ नर्स गीता तिवारी का वेतन रोकने का निर्देश अधीक्षक को दिया।