ज्ञानपुर। एक करोड़ 65 लाख की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औराई में बन रहे ट्रामा सेंटर के हैंडओवर किए जाने का अभी इंतजार करना होगा। कार्यदायी संस्था की उदासीनता से तय समय पर विभाग को केंद्र नहीं मिल सका। जिससे मरीजों को आधुनिक एवं बेहतर उपचार के लिए इंतजार करना होगा, हालांकि कार्यदायी संस्था का दावा है कि एक से डेढ़ माह के अंदर भवन को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
जनपद सृजन के बाद से जिले में ज्ञानपुर के महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय, बलवंत सिंह चिकित्सालय समेत पांच सीएचसी और 16 पीएचसी संचालित हैं। सड़क दुर्घटनाओं में हड्डी और सिर में गंभीर चोट लगने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से सीएचसी औराई, गोपीगंज और जिला अस्पताल ज्ञानपुर में आने वाले मरीजों को वाराणसी अथवा प्रयागराज रेफर कर दिया जाता है। स्थिति यह हो जाती है कि कई बार गंभीर रूप से घायल मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। इसको देखते हुए 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्रामा सेंटर की घोषणा की और दिसंबर 2016 में तत्कालीन विधायक मधुबाला पासी ने इसकी आधारशिला रखी।
165 लाख की लागत से बनने वाले ट्रामा सेंटर के लिए 85 लाख की पहली किस्त भी आ गई थी, हालांकि 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद करीब 10 महीने तक भवन निर्माण का काम राजनीतिक दांवपेच में रुक गया, जिससे 2018 में इसका निर्माण पूर्ण नहीं हो सका। सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद दोबारा भूमिपूजन किया गया। कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम ने शुरुआती दिनों में कच्छप गति से काम किया, लेकिन 82 लाख की दूसरी किस्त मिलने के बाद काम में तेजी आई, हालांकि उम्मीद के हिसाब से काम नहीं हो सका। जिससे 2017 में हैंडओवर होने वाला ट्रामा सेंटर 2019 में स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल सका। अब भी भवन के फर्श का कार्य, टाइल्स का कार्य, टॉयलेट बाथरूम का कार्य, दरवाजा खिड़की का कार्य, भवन के चारों तरफ अपरन का कार्य, पाइपलाइन और पानी सप्लाई का कार्य अधूरा पड़ा है, जबकि कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को धनराशि मिल चुकी है जिसे पूरा करने में कम से कम दो से तीन महीने लग जाएंगे, हालांकि कार्यदायी संस्था का दावा है कि 95 फीसदी से अधिक काम पूर्ण हो चुका है। एक माह के अंदर उसे हैंडओवर कर दिया जाएगा।
ट्रामा सेंटर का निर्माण कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम करा रही है। अधिकतर काम पूर्ण हो चुके हैं। जो काम बचे है उसे तत्काल पूर्ण कराने के लिए कहा गया है। शत प्रतिशत भवन तैयार होने पर उसे हैंडओवर किया जाएगा।
डॉ. लक्ष्मी सिंह, सीएमओ
2016 में जब शिलान्यास हुआ था तभी से काम चलता तो 2018 में ही काम पूर्ण हो जाता। सरकार बदलने से करीब 10 माह तक काम नहीं हो सका। एक साल में भवन देने की बात कही गई थी। श्रमिकों की कमी से दिक्कत आई। एक महीने में भवन हैंडओवर कर दिया जाएगा।
राम विजय सिंह, परियोजना प्रबंधक राजकीय निर्माण निगम