भदोही। आगामी अक्टूबर के इंडिया कारपेट एक्सपो स्थल को लेकर अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) का रुख साफ है। एक्सपो भदोही में होना चाहिए। जो लोग भदोही के खिलाफ हैं तथा भदोही में आयोजन से कतरा रहे हैं वे भदोही के उद्योग को उजाड़ना चाहते हैं। इससे बढ़कर दुर्भाग्य नहीं हो सकता है कि भदोही में 200 करोड़ की लागत से अंतराष्ट्रीय स्तर का एक्सपो मार्ट बन जाने के बाद भी सीईपीसी यहां के बजाए वाराणसी में टेंट लगाकर इसके आयोजन के पक्ष में है। ये बातें सोमवार को प्रेस वार्ता में एकमा पदाधिकारियों ने कही।
एकमा के पूर्व अध्यक्ष रवि पाटोदिया ने कहा कि यह बेहद चिंता की बात है कि जिन सीईपीसी पदाधिकारियों को हम लोग चुन कर भेजते हैं और वे ही भदोही की मुखालफत कर रहे हैं। कहा कि आंकड़े कुछ भी कहे लेकिन यह सच है कि भदोही का कालीन उद्योग रसातल में जा चुका है। इसके लिए सीईपीसी की सोच जिम्मेदार है। सीईपीसी के लोग किराए की जमीन लेकर टेंट लगाकर वाराणसी में एक्सपो करा सकते हैं तो भदोही में आलीशान ढंग से बन कर तैयार एक्सपो मार्ट में क्यों नहीं हो सकता समझ से परे है? एकमाध्यक्ष ओएन मिश्र ने कहा कि किसी भी कारपेट एक्सपो में भाग लेने वालों में 60 प्रतिशत से अधिक भागीदार एकमा के सदस्य होते हैं। और यदि एकमा चाहती है कि एक्सपो भदोही मे हो तो इस पर विचार किया जाना चाहिए। जिन कमियों की ओर सीईपीसी इशारा कर रही हैं वे मायने नहीं रखते क्योंकि अभी चार महीने का समय है और कमियों को पूरा किया जा सकता है।
मानद सचिव शाहिद हुसैन अंसारी ने कहा कि एकमा भदोही में आयोजन के लिए डीएम से मिल कर इसके लिए निगरानी समिति गठन करने की मांग करेगी। समिति में डीएम के अलावा उद्योग विभाग के अधिकारी और एकमा पदाधिकारी होंगे जो फेयर आयोजन में आंड़े आ रही कमियों को दूर कराएंगे। पदाधिकारियों ने सांसद और विधायक से भी अक्टूबर का कारपेट एक्सपो भदोही में कराने में सहयोग की मांग की। यह भी कहा गया कि शीघ्र ही एकमा के लोग प्रदेश के मंत्री और उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से इसकी मांग करेंगे। वार्ता में शिवसागर तिवारी, हाजी जलील अंसारी, अब्दुल हादी अंसारी, हृदय नारायण मौर्य, अश्फाक अंसारी, शाहिद अली, हाजी अब्दुल सत्तार आदि रहे।