ज्ञानपुर। कोटे की दुकानों पर धांधली का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। विकास खंड डीघ के शिवनाथपट्टी गांव में जिलापूर्ति विभाग ने शुक्रवार को राशन वितरण में धांधली को लेकर कोटेदार से 22845 रुपये वसूला। मुस्लिम कार्डधारक के नाम पर हर महीने 17 कार्डधारकों का अनाज उठा जरूर लेकिन उसे बाजार में बेच दिया गया। मामला तब खुला जब फीडिंग के बाद कार्डधारकों का साक्ष्य नहीं मिला।
अनाज वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए भले ही सरकार तमाम प्रयास कर रही है लेकिन कोटेदार भी तू डाल-डाल तो मैं पात-पात वाली कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अनाज वितरण का बंटाधार करने से बाज नहीं आ रहे हैं। शिवनाथपट्टी गांव में मुस्लिम जाति के कार्डधारक न होने के बावजूद कोटेदार अलगू यादव ने 17 कार्डधारकों के नाम से राशन वितरण के लिए अनाज का उठान किया। मामला संज्ञान में तब आया जब कार्डधारकों की फीडिंग हुई। डीघ पूर्ति निरीक्षक दिनेश कुमार यादव ने बताया कि गांव में जाकर मुस्लिम कार्डधारक की जांच की गई। उक्त गांव में मुस्लिम बिरादरी के लोगों निवास ही नहीं करते हैं। कोटेदार कालाबाजारी के लिए फर्जी तरीके से अनाज का उठान करता था। रजिस्टर पर उनमें वितरित भी कर देता था। कहा कि जिला प्रशासन की ओर से उक्त कोटेदार से 17 कार्डधारकों में 233 यूनिट वितरित अनाज के लिए 22 हजार 845 रुपये वसूलने का निर्देश दिया गया था। कोटेदार से वसूली के बाद उसे सरकारी खजाने में जमा किया गया। कोटेदार को सख्त हिदायत दी गई है कि भविष्य में ऐसी खामियां मिलने पर दुकान को निरस्त किया जाएगा।