ज्ञानपुर। चुनाव के बाद मंगलवार को पहली बार तीनों तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में फरियादी अपनी फरियाद लेकर पहुंचे, लेकिन पहले की तरह एक बार फिर त्वरित न्याय नहीं मिल सका। तीनों तहसीलों में आए 235 प्रार्थना पत्रों में 12 का निस्तारण किया गया, जबकि 223 लंबित रह गए।
चुनाव आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने से मार्च के बाद संपूर्ण समाधान दिवस नहीं हो सका था। चुनाव खत्म होने के बाद मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। ज्ञानपुर तहसील में जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में 101 प्रार्थना पत्र आए, जिसमें मात्र एक का निस्तारण किया जा सका। डीएम ने पूर्व में निस्तारित शिकायतों का सत्यापन करने के लिए शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नंबर पर स्वयं फोन मिला कर हकीकत परखी। कई विभागों की ओर से सिर्फ कागजों में प्रकरण का निस्तारण दिखाया मिला। इसको लेकर डीएम ने नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे सब शिकायतों के निस्तारण में रुचि लेकर सही और न्यायपूर्ण निस्तारण करें। कहा कि वे स्वयं निस्तारण का सत्यापन कर रहे हैं। इसलिए सभी अधिकारी सतर्क हो जाएं। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई तय होगी। इस मौके पर एसपी राजेश एस, एसडीएम ज्ञानपुर कविता मीना समेत कई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। भदोही तहसील में विभिन्न विभागों के कुल 77 प्रार्थना पत्र आए, जिसमें छह का निस्तारण हुआ जबकि 71 मामले लंबित रह गए। औराई तहसील में उप जिलाधिकारी अभय कुमार पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 57 मामले आए, जिनमें पांच मामलों का त्वरित निस्तारण किया गया। पूर्ति विभाग के अधिक मामले को लेकर पूर्ति निरीक्षक अधिकारी को एसडीएम ने फटकार लगाई और कहा कि शिकायतों का निस्तारण कराएं अन्यथा कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा। हैंडपंप रिबोर और राजस्व से संबंधित मामलों के निस्तारण के लिए अधिकारियों से कहा। इस मौके पर तहसीलदार अर्चना ओझा समेत दूसरे विभाग के अधिकारी रहे।
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