ज्ञानपुर। 17वीं लोकसभा के लिए हुए सामान्य चुनाव में कालीन नगरी की जमीन पर लगातार दूसरी बार कमल खिल गया। भाजपा प्रत्याशी रमेश चंद्र बिंद ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसपा-सपा गठबंधन के प्रत्याशी रंगनाथ मिश्र को कड़े मुकाबले में 43615 मतों से हरा दिया। भाजपा को कुल 510029 वोट और गठबंधन प्रत्याशी को 466414 वोट मिले। ईवीएम और पोस्टल बैलट मिला कर कुल 10 लाख 39 हजार 390 वोट पड़े थे।
12 मई को हुए मतदान के बाद समूचे संसदीय क्षेत्र की निगाहें 23 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी थीं। देश की सबसे बड़ी पंचायत में कालीन नगरी का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता के सिर पर जीत का सेहरा बंधते देखने की उत्सुकता सभी के अंदर थी। इसके निमित्त बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे से कलेक्ट्रेट परिसर में मतगणना की प्रक्रिया शुरू होनी थी। मतगणना कार्मिक और अधिकारी समय पर पहुंच गए, लेकिन कुछ प्रत्याशियों के एजेंट समय पर नहीं पहुंच पाए। इसके कारण सुबह 8.50 बजे स्ट्रांग रूम खोला गया और मतगणना की प्रक्रिया लगभग नौ बजे शुरू हो सकी। तकरीबन एक घंटे विलंब से शुरू हुई मतगणना के बाद शुरुआती रुझान में ही भाजपा प्रत्याशी ने बढ़त बना ली। लगभग पांच हजार से शुरू हुई बढ़त 12 से 15 राउंड की गणना के साथ ही 30 हजार के इर्द-गिर्द पहुंच गई, जो लगातार बनी रही। नजदीकी मुकाबला होने के कारण इस दौरान कई बार ऐसा आभास हो रहा था कि कुछ भी हो सकता है, लेकिन दोनों प्रत्याशियों के बीच मतों का अंतर लगभग एक सा बना रहा। भदोही जिले की ज्ञानपुर और औराई विधानसभाओं के मतों की गणना 30-30 चक्र में और भदोही विधानसभा के मतों की गिनती 33 चक्र में हुई। हंडिया और प्रतापपुर विधानसभाओं की मतगणना प्रयागराज में हुई। देर रात करीब साढ़े आठ बजे अंतिम चक्र की गणना के बाद भाजपा प्रत्याशी ने 43615 मतों से जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी रमाकांत यादव 25604 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। 9087 वोट नोटा पर पड़े, जबकि 2161 वोट पोस्टल बैलेट के जरिये डाले गए थे। इस बार भदोही के चुनावी महासमर में कुल 12 प्रत्याशी जोर आजमाइश कर रहे थे। इनमें से विजेता और रनरअप को छोड़कर सभी की जमानत जब्त हो गई। गौरतलब है कि 2014 की मोदी लहर में धमाकेदार जीत के बाद 2019 में भी परचम फहरा कर भाजपा ने भदोही सीट पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है।