ज्ञानपुर। भदोही में मोदी मैजिक का असर साफ दिखा। भाजपा-गठबंधन प्रत्याशियों को छोड़ कर कांग्रेस समेत शेष 10 अन्य उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। 2014 के चुनावों में ताल ठोंकने वाले निर्दल एवं छोटे दलों के प्रत्याशियों का वोट प्रतिशत 2019 में और भी घट गया।
भदोही संसदीय सीट पर भाजपा, गठबंधन, कांग्रेस समेत 12 प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया था। छठवें चरण में 12 मई को मतदान हुआ। उसके बाद तो कयासबाजी तेज हो गई कि कौन कितने वोट पाएगा। 23 मई को मतगणना शुरू होने के बाद भाजपा और गठबंधन के बीच ही मुकाबला चला, लेकिन समय गुजरने के साथ ही भाजपा के रमेशचंद्र बिंद ने बढ़त बनाई और वह अंत तक कायम रही। मतगणना संपन्न होने के बाद स्थिति यह हो गई कि भाजपा और गठबंधन को छोड़ सभी की जमानत जब्त हो गई। आजमगढ़ के बाहुबली पूर्व सांसद रमाकांत यादव फैक्टर भी बेअसर दिखा। वह भी कांग्रेस में जान नहीं फूंक सके और 30 हजार के अंदर ही सिमट गए। वर्ष 2014 में पांच से सात हजार मत पाने वाले छोटे दल भी तीन से पांच हजार तक सिमट गए।