चौरी। बाजार के नईबस्ती मस्जिद में मंगलवार की रात चल रहे तरावीह में हाफिज ने कुरआन मोकम्मल कर लिया। रमजान का चांद दिखने के बाद से चल रहे तरावीह में मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ बढ़ जाती है। मस्जिदों में पांच वक्त की नमाज के अलावा दो घंटे पढ़ाई जाने वाली तरावीह में भीड़ जमी रहती है। कहते है कि रमजान में हर एक इबादत के बदले अल्लाह सत्तर गुना सबाब से अपने बंदों को नवाजता है। मंगलवार की रात चौरी बाजार के नई बस्ती में चल रहे तरावीह में हाफिज हफीजुर रहमान ने कुरआन मोकम्मल कराई। कुरआन मोकम्मल होते ही नमाजियों ने हाफिज को फूल मालाओं से लाद दिया और मुबारकबाद दी । हाफिज हफीजुर रहमान ने कहा कुरआन एक आसमानी किताब है, जिसका लेखक कोई इंसान नही बल्कि अल्लाह खुद है। यह मुकद्दस किताब से ही इंसान कामयाबी की मंजिल को पा सकता है । अंत में हाफिज ने मुल्क में अमन और शांति के लिए दुआएं की। मौके पर हाजी साबिर मंसूरी, मौलवी शौकत अली, मौलवी मंजूर आलम, इंम्तियाज अंसारी, आफताब आलम, जावेद, कैफ आदि लोग थे ।