ज्ञानपुर। पंचायतों में खर्च धनराशि का लेखाजोखा न देने पर पंचायत राज विभाग ने जिले के 64 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिया। चेतावनी भी दी कि आचार संहिता खत्म होने पर खर्च का ब्यौरा न देने पर वेतन वृद्धि रोक दी जाएगी। सेक्रेटरी और प्रधान की लापरवाही से वर्ष 2019-20 में मिलने वाला 51 करोड़ का बजट भी लटक गया है।
केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से गांवों के विकास के लिए राज्य एवं 14वें वित्त के माध्यम से बजट आवंटित किया जाता है। वर्ष 2018-19 में जिले के 561 ग्राम पंचायतों में प्रस्ताव के हिसाब से करीब 80 करोड़ रुपये आवंटित किया गया। वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर मार्च तक का लेखाजोखा विभागीय वेबसाइट प्रियासाफ्ट पर अपलोड करना था लेकिन 300 से अधिक ग्राम पंचायतें खर्च का ब्यौरा देने में आनाकानी कर रही हैं। सख्त हिदायत के बाद भी खर्च का लेखाजोखा न प्रस्तुत करने पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने 64 सेक्रेटरी को नोटिस जारी कर वेतन वृद्धि रोकने की चेतावनी दी। नोटिस जारी होने वालों में सुरियावां ब्लॉक के अंगलेश कुमार बिंद, मनोज मौर्य, हर्षवर्धन, राजनाथ, प्रदीप बिंद प्रथम, संतोष सिं, प्रशांत कुमार सरोज, ओमकाजी श्रेष्ठ, अभोली के प्रदीप बिंद द्वितीय, अनुपम द्विवेदी, अरूण यादव, गणेश चंद्र राय, संजीव पांडेय, प्रियंका सिंह, उमेश सरोज, रामशिरोमणि, संजय मौर्य, कैलाशनाथ, संतोष कुमार, आयुष कुमार, डीघ के संजय दूबे, समरजीत यादव, नीतिश वर्मा, विनोद गुप्ता, गोपाल मिश्रा, अरुण बिंद, धर्मेन्द्र पाल, जेपी सिंह, ज्ञानपुर के रमाशंकर मिश्र, राघवेंद्र जी पांडेय, मनोज श्रीवास्तव, रंजन यादव, विजय सोनी, ज्ञानेंद्र सिंह, शेषमणि पांडेय, संजय दूबे, प्रियंका मौर्य, प्रदीप कुमार, सारिका मौर्य, नीतू शुक्ला, भदोही के राजेश कुमार, जितेंद्र कुमार त्यागी, पारसनाथ, अवध नारायण, लक्ष्मण कुमार, पूजा मौर्य, जितेंद्र कुमार, अरुण मिश्रा, वंदना श्रीवास्तव, सुधाकर राम, दिलीप कुमार, औराई के रामसूरत यादव, शशिभूषण मिश्र, प्रदीप कुमार, आशीष सिंह, मनोज कुमार, गुलाब सरोज, सुजीत विश्वकर्मा, सिकंदर कुमार, धर्मराज सरोज, चंद्रेेश कुमार समेत कुल 64 सेक्रेटरी शामिल है। जिला पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी ने कहा कि सभी को नोटिस जारी कर एक सप्ताह का समय दिया है। ब्यौरा न देना गबन की श्रेणी में आता है, मई में काम न करने पर वेतन वृृद्धि रोक दी जाएगी।
ज्ञानपुर। पंचायतों की ओर से खर्च का लेखाजोखा न देने से नए वित्तीय वर्ष का बजट भी लटक गया है। विभाग की माने तो पूर्व के वर्षों में अप्रैल में ही बजट आवंटित हो जाता था लेकिन इस बार मई भी समाप्त होने को है लेकिन बजट नहीं मिला। शासन की ओर से निर्देश दिया जा चुका है कि जब तक लेखाजोखा नहीं आएगा बजट नहीं मिलेगा। जिले के 561 ग्राम पंचायतों की ओर से कुल 51 करोड़ का प्रस्ताव बनाया गया है लेकिन वह फंड भी लटक गया है।