जिले में 11 दिवसीय सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान की शुरुआत सोमवार से हो जाएगी। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत घर-घर संदिग्ध टीबी मरीजों की पहचान के लिए 1533 टीमें लगाई गई हैं। जिलाधिकारी विशाल सिंह अभियान को लेकर बेहद सजग हैं। उन्होंने अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। डीएम के निर्देश के बाद स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड में है। टीबी अभियान में 1350 आशा, 183 एएनएम की टीम लगी हैं। इनकी निगरानी के लिए छह पर्वेक्षक भी लगाए गए हैं जो हर दिन रिपोर्ट सीएचसी अधीक्षक को भेजेंगे।
सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि 11 दिवसीय अभियान के दौरान घर-घर स्वास्थ्यकर्मी पहुंच कर टीबी मरीजो की पहचान करेंगे। मरीजों में लक्षण मिलने पर जांच कर दवा उपलब्ध कराई जाएगी। सीएमओ ने बताया कि अभियान के लिए स्वास्थ्यकर्मी को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। टीबी एक जटिल बीमारी है। समय रहते पहचान होने पर इसका उपचार आसानी से किया जा सकता है। बताया कि टीबी की पहचान होने पर मरीजों को हर महीने 500 रुपये पौष्टिक आहार के लिए दिया जाता है।