सुरियावां। नगर के घनश्याम दुबे महाविद्यालय के बीएड विभाग में पतंजलि योग समिति की ओर से चल रहे पांच दिवसीय योग शिविर के तीसरे दिन शरीर को रोगमुक्त बनाने में योग को प्रमुखता दी गई।छात्र-छात्राओं के बीच प्रदेश प्रभारी व योगाचार्य संदेश योगी ने कहा कि कमर दर्द के लिए भुजंगासन, मर्कटासन, अर्ध चंद्रासन, उष्ट्रासन अत्यंत उपयोगी है। अस्थमा-दमा रोगियों के लिए भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, एवं उज्जाई प्राणायाम अति लाभदायक माना गया है। कहा कि यदि सफल होना है तो ऊंची सोच, पक्का इरादा, प्रचंड पुरुषार्थ के साथ आगे बढ़ना होगा। बताया कि जीवन का सिद्धांत होना चाहिए कि समय और भोजन का एक भी कण बर्बाद नहीं करेंगे। उर्जा एवं सार्मथ्य सि र्फ लक्ष्य की ओर लगना चाहिए। अर्जुन की तरह हमें मछली की आंख दिखाई देनी चाहिए अर्थात केवल लक्ष्य दिखाई देना चाहिए। व्यक्ति के अंदर अपार संभावनाएं हैं जिसे हम योग के माध्यम से जागृत कर सकते हैं।