ज्ञानपुर। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए 15 फरवरी से शुरू हुई प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना का लाभ जिले के नौ हजार संविदा कर्मियों को मिलेगा। योजना में पंजीयन के लिए हर रोज असंगठित मजदूरों की भीड़ लग रही है। योजना में पंजीयन कराने वाले कर्मियों को साठ साल की उम्र पूर्ण होने पर तीन हजार पेंशन मिलेगी। पंजीयन के लिए जिले में कई जगह सीएससी सेंटर खोले गए हैं। अब तक 500 से अधिक ने पंजीयन करा लिया है, जबकि 50 लोगों को योजना का कार्ड मिल चुका है।
केंद्र सरकार ने 15 फरवरी से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को पेंशन स्कीम से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का शुभारंभ किया। जिसका लाभ जिले के नौ हजार संविदा कर्मियों को भी मिलेगा। प्रत्येक लाभार्थियों को इसका लाभ मिले इसके लिए जिले भर में कई सीएससी ( कॉमन सर्विस सेंटर) सेंटर खोले गए हैं। योजना की पात्रता में ऐसे सभी असंगठित क्षेत्र के मजदूर शामिल होंगे जिनकी आयु 18-40 वर्ष के बीच हो, फुटपाथ पर ठेला लगाकर समान बेचने वाले, रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, खेतिहर मजदूर, भट्ठों पर काम करने वाले समेत बीड़ी श्रमिक, कबाड़ का काम करने वाले, बुनकर, कपड़े की सफाई, चमड़े का कार्य, ऑटो-टैक्सी चालक, समाचार पत्र विक्रेता, समेत 150 श्रेणियों के नियोजित असंगठित क्षेेत्र के श्रमिकों का पंजीयन किया जा रहा है। योजना की पात्रता में संविदा कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। जिसमें 3454 आंगनवाड़ी सहायिका, 3500 रसोंइयां और 2146 आशांओं को योजना का लाभ मिलेगा। इसी तरह विभिन्न सरकारी विभागों में काम करने वाले संविदा कर्मियों का भी पंजीकरण किया जाएगा। जिसमें लाभार्थी को महीने में तीन हजार की पेंशन राशि दी जाएगी। श्रम प्रवर्तन अधिकारी शशिकांत ने बताया से कोई लाभार्थी वंचित न रहे इसके लिए श्रम विभाग की ओर से बराबर सीएचसी सेंटरों के निरीक्षण के साथ दिशा योजना से संबंधित दिशा निर्देश दिया जा रहा है। यह योजना बुढ़ापे में लाठी का सहारा बनेगी। उम्र के हिसाब से हर महीने श्रमिकों को एक रकम सरकारी खाते में जमा की जा रही है।