ज्ञानपुर/चौरी। प्राथमकि एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों को दूध और फल वितरण के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। अधिसंख्य विद्यालयों में कभी-कभार ही बच्चों को फल और दूध मिल पाता है। सोमवार को दर्जन भर से अधिक विद्यालयों की पड़ताल करने पर खामियां सामने आई। शिक्षकों ने बचाव के नजरिए से सोमवार के बजाए बुधवार को दूध और फल देने की बात कही, जबकि ऐसा नहीं है।
परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर करने के लिए प्रदेश सरकार ने मिड डे मील के साथ सोमवार को फल और बुधवार दूध देने का प्रावधान किया है। इसके लिए प्राथमिक विद्यालयों में चार रुपये और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में छह रुपये 91 पैसे प्रति छात्र कन्वर्जन कास्ट दिया जाता है। अमर उजाला की टीम सोमवार को बरदहां प्राथमिक विद्यालय पहुंची। यहां पर बच्चों ने बताया कि सब्जी और चावल मिलता है। यहां पर बच्चों को फल नहीं मिला था, जबकि शिक्षकों ने बुधवार को देने की बात कही। सब्जी के साथ रोटी के बजाए चावल देना भी मीनू के हिसाब से ठीक नहीं था। प्राथमिक विद्यालय लक्षापुर में सब्जी-रोटी बनी थी। यहां बच्चों फल के नाम पर अमरूद दिया गया था। इसी तरह आसपास के कई और स्कूलों में देखने पर पता चला कि कहीं भी फल नहीं बांटा गया है। डीघ, औराई, ज्ञानपुर और सुरियावां ब्लॉकों में भी कई विद्यालयों पर फल का वितरण नहीं हो सका था। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने कहा कि कहीं से ऐसी शिकायत नहीं मिली है। अगर दूध और फल का वितरण नहीं हो रहा है तो ठीक नहीं है। दिखवाकर कार्रवाई करेंगे।