चौरी। सदाचारी ,शाकाहारी और नशामुक्त रहने वाला मानव ही सदगुरु का सच्चा भक्त होता है। बिना सद्गुरु के जनमानस भटका हुआ होता है। सत्संग सुनने औेर शामिल होने से ही सद्गुरु के आदर्शों का पालन करने की प्रेरणा मिलती है। यह बातें चौरी के जमुआं गांव में आयोजित सत्संग में मध्यप्रदेश के उज्जैन से आए संत उमाकांत महाराज ने कही।
महाराज ने कहा कि परमात्मा संत के रूप में सत्संग सुनाकर लोक-परलोक बनाने का रास्ता दिखाता है और जीते जी आत्म कल्याण करा परमात्मा से मिलाने का काम भी करता है। जो मिशन जय गुरुदेव महाराज छोड़ कर गये है उसे पूरा करना भक्तों का काम है। भटका हुआ इंसान सत्संग से ही सही रास्ता पा सकता है। गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करना ही सदगुरू तक पहुंचने का सरल रास्ता है। 12 बजे आरंभ सत्संग तीन बजे तक चली। मौके पर जिलाजीत मिश्रा, ओमप्रकाश मिश्रा, धर्मेंद्र मिश्रा, मुलायम यादव, बटेश्वर यादव, प्रदीप यादव आदि मौजूद रहे।