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सड़कें जानलेवा, सफर करना मुश्किल

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ज्ञानपुर/चौरी। सरकार भले ही सड़कों को गड्ढामुक्त करने का दावा कर रही हो, लेकिन हकीकत इससे जुदा है। नगर से लेकर गांवों तक सड़कें जर्जर होकर जानलेवा बन चुकी हैं। जहां नगर दौडाओ वहीं सड़कों पर गड्रूे दिखते हैं। ऐसे में आए दिन दुर्घटनाएं होनं से कई जानें जा चुकी हैं। कुछ सड़कों पर पैचिंग की खानापूर्ति की गई है, लेकिन
पूर्ववर्ती सपा सरकार से लेकर भाजपा सरकार सड़कों की दशा बेहतर करने का दावा तो कर रही है, लेकिन जिले में कई सड़कें वर्षों से मरम्मत का इंतजार कर रही हैं। सत्ता, शासन बदले पर उन सड़कों की तस्वीर नहीं बदल सकी। ज्ञानपुर-दुर्गागंज मार्ग के लिए बजट भले ही जारी हो चुका है, लेकिन अब तक निर्माण नहीं शुरू हो सका। मरम्मत के अभाव में यह मार्ग जानलेवा हो चुका है। सुरियावां-कलिंजरा मार्ग, मोढ़- करियांव होते हुए आलमगंज मार्ग, चौरी के लक्षापुर बाजार से अमवां पचपटिया मार्ग, कंधिया फाटक से टिकैतपुर मार्ग, चौरी बाजार से अनेगपुर, रोटहां से अनेगपुुर मलेथू मार्ग की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। करीब 15 से अधिक ऐसे मार्ग हैं, जो चलने लायक नहीं हैं। चौरी से जौनपुर के सुरेरी को जोड़ने वाली सड़क दो दशक से बदहाल है। गड्ढों में बदल चुुकी सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। जौनपुर के सीमावर्ती थाना सुरेरी से जुड़े 100 से अधिक गांवों का पूरा कारोबार चौरी से होता है। दो दशक पहले तत्कालीन मंत्री कलराज मिश्र के प्रयास से वरुणा नदी के गांधी घाट पर पुल बनने से वाहनों की आवाजाही बढ़ गई, लेकिन सड़क की दशा नहीं सुधारी गई। सड़क जर्जर होने से नालियां भी धंस गईं हैं। इसी तरह ज्ञानपुर नगर के पुरानी कलेक्ट्रेट से गेस्ट हाउस तक सड़क की पैचिंग पखवाड़े भर पहले की गई, लेकिन वह भी सप्ताह भर नहीं चल सकी। कई स्थानों पर सड़क टूटकर बिखर गई है।
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चकिया तिराहे की रौनक पड़ी फीकी
चौरी। जर्जर सड़क होने से चौरी-सुरेरी मार्ग पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया है। इससे कभी गुलजार रहने वाले चकिया तिराहे की रौनक समाप्त हो गई है। 2007 में बसपा, 2012 में सपा और 2017 में भाजपा की सरकार बनी पर उक्त सड़क की दशा नहीं सुधरी। व्यापारी मनोज सिंह , पंकज दुबे, दिलीप कुमार ने कहा कि सड़क न बनने से उनकी दुकानदारी खत्म हो गई है। अगर सड़क बन जाए तो उनके दिन लौट सकते हैं।
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इनसेट
ज्ञानपुर- दुर्गागंज मार्ग का भूमिपूजन हो चुका है। काम भी शुरू होने वाला है। ग्रामीण सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। जल्द ही खराब मार्गों का निर्माण शुरू हो जाएगा। - एसबी राव, एई पीडब्ल्यूडी
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