ज्ञानपुर। हवन-आरती के साथ शक्ति की उपासना के नौ दिनी अनुष्ठान शारदीय नवरात्र का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। नवमी पर चहुंओर सिद्धिदात्री के दर्शन-पूजन की होड़ मची रही। दोपहर ढाई के बाद दशमी तिथि लगने के कारण नौ दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने पारण किया। पंडालों में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। देर रात तक नगरों की सड़कों पर नवरात्र मेला देखने वालों का रेला चलता रहा। श्रद्धालु पंडालों में स्थापित मां की नयनाभिराम प्रतिमाओं को निहारते और मेले का लुत्फ लेते रहे। शारदीय नवरात्र के नवें दिन बृहस्पतिवार को देवी मंडप में भगवती के सिद्धिदात्री स्वरूप की उपासना की गई। सिद्धिदात्री को धन-धान्य और सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली देवी माना जाता है। मान्यता है कि मां के इस स्वरूप की सच्चे मन से की गई पूजा अन्य आठ दिनों की उपासना के बराबर फलदायक है। यही वजह थी कि नवरात्र के अंतिम दिन बृहस्पतिवार को मंदिरों से लेकर पंडालों तक श्रद्धालुओं की रेला उमड़ पड़ा। जगह-जगह आयोजित श्रीदुर्गासप्तशती पाठ का भी समापन हो गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने कन्यापूजन और हवन किया। कुंवारी कन्याओं को भोजन कराकर उन्हें फल-दक्षिणा आदि दिए गए। जिले में 450 से अधिक स्थानों पर पंडाल स्थापित कर दुर्गापूजा हो रही है। नवमी के दिन पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। देर रात तक मेला चलता रहा। बृहस्पतिवार को दोपहर में 2.31 बजे दशमी तिथि आरंभ हो गई। इसके कारण तमाम व्रतियों ने दोपहर बाद व्रत का पारण कर लिया। भदोही : नगर में मेले जैसा माहौल रहा। शाम होते ही सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। देर रात तक पूजा पंडालों में माता के दर्शन के लिए कतारें लगी रहीं। वहीं, देवी मंदिरों में भी पूजन के लिए भक्त जुटे रहे। महानवमी की शाम होते ही आस्थावानों का सैलाब उमड़ने से सड़कें खचाखच भरी रहीं। कटरा बाजार, चौरी रोड, आनंद नगर, ज्ञानपुर रोड, कुशियरां, मर्यादपट्टी में जमकर भीड़ रही। नई बाजार में भी पूजा पंडालों पर मां के दर्शन के लिए कतारें लगी रहीं।