ज्ञानपुर। करीब डेढ़ साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जिले में शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ताओं को नामित कर दिया गया है। हालांकि अभी प्रशासन की ओर से उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही सभी की जिम्मेदारी तय कर दी जाएगी।
सरकारी विभागों के मुकदमों की पैरवी के लिए शासन जिला शासकीय एवं सहायक शासकीय अधिवक्ताओं को नामित करता है। सपा, बसपा, भाजपा हर दल की ओर से सरकार बदलने के बाद उनके करीबियों को इसमें शामिल किया जाता है। 2017 में सूबे में भाजपा सरकार बनने के बाद भी करीब डेढ़ साल बाद शासन ने इस पर निर्णय लिया। इससे लंबे समय से शासकीय अधिवक्ता बनने की चाह रखने वाले लोगों के चेहरों पर मुस्कान तैर गई। शासन की ओर से जिन लोगों को शासकीय अधिवक्ता नामित किया है, उनमें रमेश कुमार पांडेय, सुनील श्रीवास्तव, नागेंद्र कुमार दूबे, प्रवेश कुमार तिवारी, ओमप्रकाश सरोज, विकास नारायण सिंह, पंकज तिवारी, विनय कुमार बिंद, सतीश तिवारी, बालेश्वरनाथ पांडेय, सर्वेश कुुमार पाल, संतोष त्रिपाठी शामिल हैं। शासन के अनुसचिव ओम प्रकाश ने नामित अधिवक्ताओं का पत्र जारी किया है। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि शासन से शासकीय अधिवक्ताओं की सूची आ चुकी है। जल्द ही उनकी नियुक्ति की जाएगी।