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विस्फोट के चार दिन जांच करने पहुंची पुलिस

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भदोही। बीते मंगलवार को दरोपुर में हुए भीषण विस्फोट में दो मौतें होने के चार दिन बाद प्रशासन अवैध पटाखा कारोबारियों के खिलाफ जगा है। कहा तो जा रहा है कि प्रशासन कार्रवाई के मूड मे है लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके खिलाफ? बीते चार दिनों में यदि कहीं पटाखों का अवैध भंडारण था तो वह हट चुका है और अवैध पटाखा व्यवसाई सतर्क भी हो चुके हैं। शनिवार को एसडीएम आशीष कुमार, सीओ अभिषेक पांडेय ने कोतवाली पुलिस के साथ दरोपुर मोहल्ले में जांच जरूर की लेकिन कुछ हांथ नहीं लगा।
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जानकारी हो कि दरोपुर में मंगलवार को पटाखा बनाते जिस असगर उर्फ गुड्डू की मौत हुई उसके पटाखा बनाने का लाईसेंस नवीनीकृत नहीं था। इतना ही नहीं प्रशासन ने बताया है कि वर्ष 2010 के बाद से उसके पास लाईसेंस नहीं था लेकिन वह घनी आबादी में पटाखा बनाकर बाजार में आसानी से बेच भी लेता था। यह तो संयोग था कि वह पटाखा अपने घर के पिछवाड़े खुले आसमान के नीते बना रहा था। जिस प्रकार से विस्फोट में गुड्डू के शव की चीथड़े उड़ गए कहा जा रहा है कि यदि वह घर के अंदर पटाखे बना रहा होता तो वह न केवल आस पास के घरों को चपेट में लेता बल्कि कईयों की जान जाती।पुलिस उपाधीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय ने बताया कि दरोपुर में जहां जहां भी पटाखे होने अथवा पटाखा बनाने की आशा थी हम लोगों ने छान बीन की। इस दर्मियान दो लाइसेंसधारकों के घरों और उनके स्टोर की व्यापक जांच की गई लेकिन विशेष हांथ नहीं लगा। हलांकि उन्हें अवैध कारोबार के प्रति चेतावनी दी गई है कि दिशानिर्देशों के अनुसार ही कारोबार करें। मोहल्ले में पहुंची पुलिस बल को देख मोहल्ले के लोग उद्देश्य तो समझ गए लेकिन लोगों में मुंह से सवाल उठा कि चार दिन बाद क्या हासिल होगा? कई स्थानों से पटाखों को अन्यत्र हटा लिए जाने के साथ साथ अवैध पटाखा व्यापारी सतर्क भी हो गए हैं।
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